—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*निःशुल्क विधिक सहायता बंदियों का अधिकार – न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह*
*जिला जेल दमोह में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न*
दमोह | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में तथा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह सुभाष सोलंकी के मार्गदर्शन में जिला जेल दमोह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में जिला न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, जेल अधीक्षक एम.एल. पटैल, आर. शरद मिश्रा, आर. हेमंत कुमार, तकनीकी सहायक पवन पटैल सहित जेल में निरुद्ध बंदी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिला न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह ने बंदियों को संबोधित करते हुए बताया कि शासन द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता के अंतर्गत जिला मुख्यालय में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की नियुक्ति की गई है, जिससे निरुद्ध बंदियों को प्रभावी एवं सक्षम निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निःशुल्क विधिक सहायता प्रत्येक बंदी का संवैधानिक अधिकार है, जो तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक उपलब्ध है। साथ ही उन्होंने बताया कि यदि किसी बंदी को दंडित किया जाता है, तो उसे निर्धारित समयावधि में उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार प्राप्त है।
इस दौरान उन्होंने बंदियों से खान-पान एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी ली।
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बताया कि ऐसे बंदी, जो जमानत आदेश होने के बावजूद जमानत प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं, उन्हें ‘गरीब बंदियों की सहायता योजना’ के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जेल में सप्ताह में तीन दिन जेल विजिटिंग लॉयर लीगल एड क्लीनिक में उपस्थित रहते हैं, जिनसे बंदी अपने प्रकरण की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बंदियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के समाधान प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन प्रभारी जेल अधीक्षक एम.एल. पटैल द्वारा किया गया।







