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*UGC Act के विरोध में दमोह रहा बंद, ऐतिहासिक रहा भारत बंद का असर*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*UGC Act के विरोध में दमोह रहा बंद, ऐतिहासिक रहा भारत बंद का असर*


दमोह UGC Act के विरोध में आहूत भारत बंद का असर आज दमोह जिले में पूरी तरह देखने को मिला। जिले में सुबह से ही बाजार बंद रहे, सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और आम जनजीवन ठप रहा। व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं विद्यार्थियों और समाज के हर वर्ग ने एकजुट होकर बंद को समर्थन दिया, जिससे दमोह बंद पूर्णतः सफल रहा।

बंद के दौरान जिले के प्रमुख बाजार, शैक्षणिक संस्थान और निजी प्रतिष्ठान स्वतः बंद रहे। आंदोलन में युवाओं महिलाओं और छात्र संगठनों की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिली। हजारों की संख्या में लोगों UGC काले कानून के विरोध में सभी सनातन भाई बंधु शामिल हुए l दमोह के अस्पताल चौराहे से लेकर शांतिपूर्ण तरीके से जिला कलेक्ट कार्यालय ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम दिया गया

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि UGC Act केवल एक कानून नहीं, बल्कि यह देश के बच्चों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी भी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। युवाओं का कहना है कि UGC Act से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दिनभर चले इस बंद के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, वहीं आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस तरह से समाज के हर वर्ग ने एकजुट होकर बंद को सफल बनाया, काला कानून बापिस लो UGC act बापिस लो के नारे लगे वही यह दर्शाता है कि UGC Act के प्रति आमजन में गहरा असंतोष है।

कुल मिलाकर, UGC Act के विरोध में आयोजित भारत बंद आज दमोह जिले में ऐतिहासिक रहा और इसे जनता का व्यापक समर्थन मिला।

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