—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*दमोह में वर-वधू परिचय सम्मेलन बना विवाद की वजह*
*जबलपुर नाका पर चक्का जाम आधे घंटे बाद खुला रास्ता*
*पुलिस ने दी समझाएं कहां विधिवत कार्यवाही की जाएगी*
दमोह, 15 मार्च। शहर के जबलपुर नाका स्थित नर्मदा धारा गार्डन में आयोजित एक वर-वधू परिचय सम्मेलन उस समय विवाद का कारण बन गया जब कार्यक्रम में आई लड़कियां मौजूद नहीं मिलीं। इससे नाराज लोगों ने जबलपुर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
जानकारी के अनुसार सर्व हिंदू समाज के नाम पर इस परिचय सम्मेलन का आयोजन एक निजी मैरिज गार्डन में किया गया था। आयोजन समिति द्वारा वर पक्ष के लोगों से लगभग 1100-1100 रुपये पंजीयन शुल्क लिया गया था। पम्पलेट और प्रचार के माध्यम से यह दावा किया गया था कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में योग्य लड़कियां भाग लेंगी और परिवारों को आपसी परिचय का अवसर मिलेगा, ताकि विवाह योग्य युवक-युवतियों के रिश्ते तय हो सकें।
लेकिन जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो वहां उपस्थित लोगों को कोई भी लड़की दिखाई नहीं दी। इससे लोगों में संदेह और आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने आयोजकों से सवाल-जवाब किए और पंजीयन शुल्क वापस करने की मांग करने लगे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
गुस्साए लोगों ने विरोध स्वरूप जबलपुर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। जाम लगने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
बताया जा रहा है कि आयोजन समिति द्वारा जारी पम्पलेट में कई बड़े वादे भी किए गए थे। इसमें यह उल्लेख किया गया था कि शादी तय होने पर वर-वधू को अलमारी, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन सहित अन्य उपहार दिए जाएंगे। लेकिन कार्यक्रम में लड़की पक्ष के लोगों के नहीं पहुंचने से पूरा आयोजन संदेह के घेरे में आ गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। करीब आधे घंटे के भीतर चक्का जाम खुलवा दिया गया और मार्ग पर यातायात फिर से सुचारू कर दिया गया।
मौके पर तहसीलदार राबिन जैन, टीआई कोतवाली मनीष कुमार, टीआई देहात अमित गौतम, सब-इंस्पेक्टर एवं चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल, सागर नाका प्रभारी विक्रम दांगी सहित यातायात पुलिस और अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।
विवाह पंजीयन कराने पहुंचे कुछ लोगों का कहना है कि जिन लोगों से पंजीयन शुल्क लिया गया है उनका पैसा वापस कराया जाए और आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच चर्चा चलती रही, ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके और प्रभावित लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा सके।















































