—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*दमोह में स्वास्थ्य शिक्षा को नई उड़ान मेडिकल कॉलेज के साथ बनेगा नर्सिंग कॉलेज*


दमोह, 03 अप्रैल 2026 — जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। मेडिकल कॉलेज के बाद अब दमोह में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना को मंजूरी मिल गई है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
सांसद राहुल सिंह लोधी ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 14 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और आगामी कुछ दिनों में इसे खोला जाएगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इस कॉलेज में 196 सीटों की व्यवस्था होगी, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इस परियोजना के लिए सांसद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
नर्सिंग कॉलेज के साथ ही 140 सीटों वाले आधुनिक हॉस्टल के निर्माण को भी स्वीकृति मिल गई है। इससे बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को रहने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। अब तक जिले के छात्रों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस कॉलेज के शुरू होने से वे स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
सांसद लोधी ने बताया कि इस पहल से न केवल स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। जब मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, तो उनके रहने, खाने और परिवहन पर होने वाला खर्च जिले में ही होगा, जिससे व्यापारियों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, नर्सिंग कॉलेज शुरू होने से प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की संख्या में भी वृद्धि होगी, जिससे मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में सेवाएं और अधिक बेहतर होंगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
लोक निर्माण विभाग (PWD) की परियोजना इकाई द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं और टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।




















































