—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़
*हटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई अंतर-जिला अवैध हथियार गिरोह का पर्दाफाश, 9 आरोपी गिरफ्तार, 5 हथियार और 9 कारतूस बरामद*
दमोह। दमोह जिले की हटा थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर-जिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों के कब्जे से 3 पिस्टल, 2 देसी कट्टे और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने इस संबंध में अपराध क्रमांक 345/2026 एवं 346/2026 के तहत धारा 25/27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है। मामले में मध्य प्रदेश शासन की ओर से प्रार्थी प्रधान आरक्षक 608 अनिल गौतम हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में यश अहिरवार उर्फ बंदर (जबलपुर), जीवनलाल वंशकार (कटनी), निखिल साहू (हटा), अनुज चक्रवर्ती (हटा), जय हिन्द यादव (पन्ना), दीपक सिंह लोधी (हटा), आशीष लोधी (कटनी), दिनेश यादव उर्फ राधे (कुम्हारी, दमोह) तथा जसवंत बर्मन उर्फ जब्बू (हटा) शामिल हैं।
वहीं सत्यम रैकवार, उत्कर्ष साहू और अरविंद विश्वकर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी (भा.पु.से.) के निर्देश पर जिले में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और अवैध रूप से हथियार रखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी हटा के.पी. सिंह के नेतृत्व में अनुभाग स्तरीय टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र के आधार पर घेराबंदी कर कार्रवाई की और अंतर-जिला गिरोह का भंडाफोड़ किया।
इस अभियान में थाना प्रभारी हटा निरीक्षक सुधीर कुमार बेगी तथा थाना प्रभारी पटेरा उप निरीक्षक धर्मेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में गठित दोनों टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक मलखान सिंह, प्रधान आरक्षक महेंद्र बाबू, रूपलाल, महेश यादव, साइबर शाखा के प्रधान आरक्षक सौरभ टंडन एवं राकेश अठ्या, थाना कुम्हारी के प्रधान आरक्षक रामकिशोर अहिरवार, सूर्यकांत पाण्डेय, आरक्षक बलवंत लोधी तथा थाना हटा के प्रधान आरक्षक अनिल गौतम, कमल ठाकुर, आरक्षक अभिषेक बारोलिया, विजय गंधर्व और चालक देवेंद्र मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा।
दमोह पुलिस की यह कार्रवाई जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है।
अंतर-जिला गिरोह का खुलासा कर पुलिस ने न केवल संभावित आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अवैध हथियार रखने और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।












































