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*दमोह में लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा फरियादी ही निकला साजिश का मुख्य सरगना*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*दमोह में लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा फरियादी ही निकला साजिश का मुख्य सरगना*

*दो साथियों के साथ मिलकर रची थी माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटने की योजना पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार*

दमोह। जबलपुर नाका चौकी थाना दमोह देहात क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस युवक ने खुद लूट की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरी साजिश का मुख्य सरगना निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और घटना को अंजाम दिया था।

पुलिस ने मामले में फरियादी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 5 हजार रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन, कुल करीब 1 लाख 83 हजार रुपये की सामग्री बरामद की गई है।

*अज्ञात बाइक सवारों पर लगाया था लूट का आरोप*

पुलिस के अनुसार दिनांक 8 अगस्त 2026 को जबलपुर नाका चौकी, थाना दमोह देहात क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी की कलेक्शन राशि लूटे जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। फरियादी घनश्याम अहिरवार पिता कोमल अहिरवार, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर, हाल निवासी दमोह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार व्यक्तियों ने उसकी साथी ट्रेनी जूही चंदेल के हाथ से कलेक्शन राशि से भरा बैग बलपूर्वक छीन लिया और फरार हो गए।

फरियादी की रिपोर्ट पर थाना दमोह देहात में अपराध क्रमांक 549/2026, धारा 309(4) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

*50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली*

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दमोह श्री आनंद कलादगि (IPS) के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे लगभग 50 CCTV कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके साथ ही सीडीआर, अन्य तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस को फरियादी घनश्याम अहिरवार की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई। इसके बाद उससे गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने पुलिस के सामने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

*दो साथियों के साथ मिलकर रची थी लूट की साजिश*

पूछताछ में घनश्याम अहिरवार ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी संजय सौर और सोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक, दोनों निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर, के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी।

आरोपियों के अनुसार लूट की घटना के बाद उन्हें कुल 1,17,335 रुपये प्राप्त हुए थे। इसमें से लगभग 12,335 रुपये खर्च कर दिए गए और शेष 1,05,000 रुपये आपस में बांट लिए गए।

पुलिस के मुताबिक घटना के अगले दिन घनश्याम अहिरवार ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई और लूटी गई राशि को बढ़ाकर 1,23,800 रुपये बताया था। हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच और पूछताछ के बाद उसकी भूमिका सामने आ गई।

*तीनों आरोपी गिरफ्तार, नगदी सहित सामान बरामद*

पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में—

1. घनश्याम अहिरवार, पिता कोमल अहिरवार, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर, हाल निवासी दमोह।
2. संजय सौर, पिता महादेव सौर, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर।
3. सोहित उर्फ वीरेन्द्र रजक, पिता मनेश रजक, उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम पिपरिया, थाना सुरखी, जिला सागर।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 1,05,000 रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 1 लाख 83 हजार रुपये बताई गई है।

तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

*इन धाराओं में दर्ज है मामला*

मामले में अपराध क्रमांक 549/2026 के तहत धारा 309(4) बीएनएस एवं विवेचना के दौरान धारा 61(2) बीएनएस का इजाफा किया गया है।

*पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका*

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक दमोह श्री आनंद कलादगि (IPS) के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री एच.आर. पाण्डेय के निर्देशन में थाना प्रभारी दमोह देहात निरीक्षक धर्मेन्द्र उपाध्याय, उनि प्रियंका पटैल, सउनि अभय सिंह, प्रआर जालम सिंह, प्रआर सौरभ टण्डन, राकेश अठ्या, डेलन सिंह, चंद्रहास दांगी, आरक्षक रूपेश यादव, मयंक दुबे, गौरव मिश्रा, गौरव घोषी, मनोज पाण्डेय एवं लवकुश की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और लगातार की गई जांच के चलते महज कुछ ही समय में लूट की इस वारदात की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया और फरियादी सहित तीनों आरोपी कानून के शिकंजे में पहुंच गए।

“एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह”

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