—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*1857 के अमर शहीद देवकरण तिवारी का 169वां शहीद दिवस मनाया महाविद्यालय का नामकरण और प्रतिमा स्थापना की घोषणा*
*राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा—शहीद देवकरण तिवारी की शहादत नई पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी*
*जबेरा से प्रवीण दुबे की रिपोर्ट*
दमोह जबेरा। 1857 की क्रांति में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जबेरा क्षेत्र से स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल फूंकने वाले अमर शहीद देवकरण तिवारी का 169वां शहीद दिवस गुरुवार, 18 सितंबर 2026 को शासकीय महाविद्यालय जबेरा में श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया। दोपहर 2 बजे आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रभर से जनप्रतिनिधि, महाविद्यालयीन स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं नगर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जबेरा क्षेत्र के विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पूर्व विधायक प्रताप सिंह लोधी, राघवेंद्र सिंह लोधी, जिला पंचायत सदस्य आभा विनोद राय, जनपद पंचायत अध्यक्ष जबेरा रजनी ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य रंजीता गौरव पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद देवकरण तिवारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह लोधी ने शहीद की शहादत को नमन करते हुए कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में जबेरा क्षेत्र से अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व करने वाले देवकरण तिवारी क्षेत्र के गौरव और प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
महाविद्यालय का नाम शहीद देवकरण तिवारी के नाम पर करने की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जबेरा के शासकीय महाविद्यालय का नाम “अमर शहीद देवकरण तिवारी शासकीय महाविद्यालय, जबेरा” किया जाएगा। इसके साथ ही महाविद्यालय परिसर में अमर शहीद देवकरण तिवारी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की भी घोषणा की गई।
इस घोषणा के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों एवं छात्र-छात्राओं ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि महाविद्यालय का नाम शहीद के नाम पर होने से विद्यार्थियों को स्थानीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
छात्रों को शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम केवल देश के बड़े शहरों तक सीमित नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड और जबेरा जैसे क्षेत्रों के वीरों ने भी अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया था। ऐसे स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को संरक्षित करना और युवा पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्रोफेसर एवं अन्य स्टाफ, जनपद एवं जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं तथा नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अमर शहीद देवकरण तिवारी के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।


















