—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*दमोह को फोरलेन सड़कों की सौगात, 180 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर जताया आभार*
*दमोह-कटनी फोरलेन के लिए ₹4,470.50 करोड़ और दमोह-सागर फोरलेन के लिए ₹2,059.85 करोड़ की परियोजनाओं को मिली स्वीकृति*
दमोह। दमोह जिले में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से दमोह-कटनी और दमोह-सागर फोरलेन सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने पर जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। सोमवार को दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी के नेतृत्व में लगभग 180 लोगों का प्रतिनिधिमंडल भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ पहुंचा और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दोनों महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए धन्यवाद दिया।
इस प्रतिनिधिमंडल में जिला यादव महासभा, जिला व्यापारी संघ, जिला कुर्मी क्षत्रिय समाज, सर्व ब्राह्मण समाज जिला दमोह, भाजपा के जिला पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा दमोह, पथरिया, हटा, जबेरा, रहली और बंडा विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिक शामिल रहे।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे, विधायक जयंत मलैया, विधायक उमादेवी खटीक, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
दमोह-कटनी फोरलेन के लिए ₹4,470.50 करोड़ की स्वीकृति
दमोह जिले के विकास और सड़क संपर्क को विस्तार देने की दिशा में दमोह से कटनी तक फोरलेन सड़क निर्माण की परियोजना को ₹4,470.50 करोड़ की लागत से स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मार्ग दमोह को कटनी सहित आसपास के क्षेत्रों से बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फोरलेन सड़क के निर्माण से यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने, परिवहन व्यवस्था बेहतर होने और मालवाहक वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्र के व्यापारियों, किसानों, औद्योगिक इकाइयों और आम नागरिकों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल सकता है।
दमोह-सागर फोरलेन परियोजना के लिए ₹2,059.85 करोड़
दमोह से सागर तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए ₹2,059.85 करोड़ की परियोजना को पूर्व में खजुराहो में आयोजित कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी। इस परियोजना को भी क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दमोह-सागर मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने, आवागमन को सुगम बनाने और प्रमुख शहरों के बीच सड़क संपर्क मजबूत करने में फोरलेन सड़क उपयोगी साबित हो सकती है। बेहतर सड़क सुविधा से यात्रियों के समय की बचत के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
दोनों परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत ₹6,530.35 करोड़ है। इनके निर्माण से दमोह और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद की जा रही है।
विंध्य विकास पथ को मिलेगी मजबूती
दमोह-सागर और दमोह-कटनी मार्गों का विकास क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क को मजबूती देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भोपाल, सागर, दमोह, कटनी और सिंगरौली को जोड़ने वाले प्रस्तावित विकास कॉरिडोर के संदर्भ में इन सड़कों की अहम भूमिका मानी जा रही है।
बेहतर सड़क संपर्क से दमोह जिले का प्रदेश के प्रमुख शहरों और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ाव मजबूत हो सकता है। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और माल परिवहन को भी लाभ मिलने की संभावना है।
धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच होगी सुगम
दमोह जिला धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विशेष पहचान रखता है। जिले में स्थित कुंडलपुर जैन तीर्थ और बांदकपुर के श्री जागेश्वरनाथ धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इसके अलावा मैहर धाम, पन्ना टाइगर रिजर्व और आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए भी बेहतर सड़क संपर्क उपयोगी हो सकता है।
फोरलेन सड़कों के निर्माण से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।
औद्योगिक विकास और व्यापार को मिलेगा प्रोत्साहन
दमोह, कटनी, पन्ना और आसपास के क्षेत्रों में सीमेंट उद्योग सहित विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिल सकती है।
फोरलेन सड़क बनने से व्यापारिक वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने, परिवहन समय में कमी आने और स्थानीय बाजारों को व्यापक क्षेत्र से जोड़ने की संभावनाएं हैं। इससे किसानों, व्यापारियों, परिवहन कारोबारियों और अन्य व्यावसायिक वर्गों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क विकास के साथ आवश्यकतानुसार स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ और नाली जैसी सुविधाओं का प्रावधान होने पर स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकती हैं। हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक स्वरूप संबंधित परियोजनाओं की स्वीकृत योजना और निर्माण प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
सड़क सुरक्षा और आवागमन में सुधार की उम्मीद
फोरलेन सड़क निर्माण का एक प्रमुख उद्देश्य यातायात को व्यवस्थित करना और सड़क की क्षमता बढ़ाना है। बेहतर सड़क संरचना, उचित संकेतक, निर्धारित प्रवेश-निकास व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू होने पर सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
दमोह-कटनी और दमोह-सागर मार्गों के विकसित होने से स्थानीय नागरिकों के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे जिले का सड़क संपर्क मजबूत होने के साथ आवागमन और परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने जताया आभार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के दौरान सांसद राहुल सिंह लोधी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने दोनों फोरलेन परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक, सामाजिक, व्यापारिक और विभिन्न सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
दमोह जिले के विकास, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़ी इन परियोजनाओं को लेकर क्षेत्र में उम्मीदें हैं। इनके समयबद्ध क्रियान्वयन, निर्माण की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन होने से जिले को दीर्घकालीन लाभ मिल सकता है।
दोनों परियोजनाओं की स्वीकृति के बाद अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें इनके निर्माण कार्य की प्रक्रिया और निर्धारित समयसीमा पर रहेंगी। परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन दमोह जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों के सड़क संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।



















