—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पुराने विवाद को लेकर युवक पर बोलेरो चढ़ाकर हत्या का आरोप*
*पथरिया में सड़क हादसे के बाद धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप*
*परिजनों ने छह लोगों को बताया जिम्मेदार एसपी आनंद कलादगी पहुंचे घटनास्थल*
दमोह/पथरिया। दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दमोह-पथरिया मुख्य सड़क मार्ग पर ग्राम सेमरा बुजुर्ग के पास रविवार शाम एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान ग्राम गड़ाकोटा निवासी 35 वर्षीय परम उर्फ चिखू यादव के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुराने विवाद के चलते कुछ लोगों ने पहले बाइक के सामने बोलेरो वाहन लगाकर उसे गिराया और फिर धारदार हथियारों से हमला किया। इसके बाद घायल युवक पर कार चढ़ाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बाइक से घर लौटते समय हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परम उर्फ चिखू यादव रविवार शाम अपनी पत्नी के साथ बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान ग्राम सेमरा बुजुर्ग के पास एक कार उनकी बाइक के सामने आ गई। अचानक वाहन सामने आने से परम बाइक सहित नीचे गिर गया।
परिजनों का आरोप है कि बाइक से गिरने के बाद कुछ लोगों ने परम पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने घायल युवक पर कार चढ़ा दी। घटना के दौरान परम को बचाने के प्रयास में विवाद और बढ़ गया। बताया गया है कि हमलावरों की ओर से परम के भाई पर भी हमला किया गया। इसके बाद परम जान बचाकर वहां से निकलने का प्रयास करने लगा, लेकिन उसकी हालत गंभीर हो गई।
घटना के बाद घायल परम को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, घटना में मौत के वास्तविक कारणों और हमले की परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
जीजा की मौत के बाद ससुराल में रुका था परिवार
मृतक के छोटे भाई अनिल यादव ने बताया कि उनका परिवार सागर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के टड़ा गांव का निवासी है। कुछ दिन पहले परम के जीजा की मौत हो गई थी। इसी कारण परिवार के सदस्य ससुराल में रुके हुए थे।
अनिल के अनुसार, रविवार शाम परम अपनी पत्नी के साथ बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान सेमरा बुजुर्ग गांव के पास यह घटना हुई। अनिल ने आरोप लगाया कि जब वह अपने भाई को बचाने के लिए मौके पर पहुंचा, तब हमलावरों ने उसकी ओर भी हमला किया। इसके बाद वह अपनी जान बचाकर वहां से निकल गया।
परिजनों का कहना है कि घटना के पीछे पुराना विवाद कारण हो सकता है। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुराने विवाद और रंजिश का आरोप
मृतक के भाई अनिल यादव ने आरोप लगाया कि दोनों पक्षों के परिवारों के बीच कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था। उसके मुताबिक, कुछ साल पहले पीड़ित परिवार के एक सदस्य की आरोपी पक्ष के एक युवक की हत्या के मामले में भूमिका होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चलने की बात कही जा रही है।
अनिल ने दावा किया कि इसी पुरानी रंजिश के चलते उसके भाई पर हमला किया गया। उसने बाबूलाल यादव, वीरेंद्र यादव और नीरज यादव सहित कुछ लोगों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। समाचार में सामने आए विवरण के अनुसार, परिजनों ने कुल छह लोगों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में किन लोगों की भूमिका थी और विवाद की वास्तविक वजह क्या रही।
एसडीओपी प्रिया सिंधी ने दी घटना की जानकारी
पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी के अनुसार, शुरुआत में परम यादव के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना मिली थी। अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत की जानकारी सामने आई। इसके बाद घटना की परिस्थितियों को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इसमें पुराने विवाद, मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका, वाहन से टक्कर लगने की परिस्थितियों और धारदार हथियारों से हमले के आरोपों की जांच शामिल है।
एसपी आनंद कलादगी भी पहुंचे पथरिया
घटना की जानकारी मिलने पर दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी भी पथरिया पहुंचे। उन्होंने परिजनों से जानकारी ली और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
पुलिस अधिकारियों द्वारा घटना की परिस्थितियों को समझने के साथ ही संबंधित लोगों से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आए और आरोपों की निष्पक्ष जांच हो।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंपे जाने की जानकारी दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से युवक की मौत के कारणों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल, मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परम यादव की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हुई या उसके साथ मारपीट और हमले की घटना ने उसकी जान ली।
अब सवाल यह है कि पुराने विवाद के चलते हुई इस घटना में वास्तव में कौन-कौन शामिल था और युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
















