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बंदियों के अधिकारों का संरक्षण हमारा दायित्व- प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश पी. सी. गुप्ता, जिला जेल में स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक जागरूकता शिविर सम्पन्न

बंदियों के अधिकारों का संरक्षण हमारा दायित्व- प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश पी. सी. गुप्ता,

जिला जेल में स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक जागरूकता शिविर सम्पन्न

दमोह म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश पी. सी. गुप्ता/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह की अध्यक्षता में जिला जेल दमोह में बंदियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन जिला चिकित्सालय दमोह के सहयोग से किया गया। शिविर में रजनीश चौरसिया, जिला विधिक सहायता अधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउसिल मदन कुमार जैन, प्रेक्षा पाठक, रिचा त्रिपाठी, शिवानी पाराशर, पैनल लॉयर्स पंकज खरे, पी.आर. पटैल, नरेन्द्र दाहिया, नरेन्द्र शुक्ला, दीपा सोनी, जिला चिकित्सालय दमोह से सिविल सर्जन डॉ. रविन्द्र कुमार ठाकुर, सर्जिकल ऑफीसर डॉ. उमेश तंतवाय, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राकेश राय, डॉ. मनीष सराफ, डॉ. एन. के पटैल, डॉ. गौरव जैन, डॉ. सुधीर आर्य, डॉ. हर्षिता पंथी, एवं लैब टैक्निशियन सहित सहायक जेल अधीक्षक छोटेलाल प्रजापति, जेल स्टॉफ एवं बंदीगण उपस्थित रहे।

प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश पी. सी. गुप्ता द्वारा उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुए कहा म.प्र. उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर के क्षेत्राधिकार अंतर्गत सभी जेलों में इस शिविर का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य बंदियों के अधिकारों के सरंक्षण के साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाना व उनके प्रकरणों की अद्यतन जानकारी से उन्हे अवगत कराया जाना है। इसके साथ ही आपके द्वारा जेल में किसी भी बंदीगण को किसी प्रकार की कोई समस्या है तो वह मुझे अवगत करा सकते हैं अथवा जब न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित होते हैं तो उन्हें भी बता सकते हैं। उक्त शिविर का आयोजन आप सभी के अधिकारों के संरक्षण के लिये किया गया है।

जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया द्वारा बंदियों को सम्बोधित करते हुये बंदियों के अधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये निःशुल्क विधिक सहायता एवं बंदियों को प्राप्त अधिकार विषय पर जानकारी दी और जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक के विषय पर बताया कि लीगल एड क्लीनिक में सप्ताह में 4 दिवस लीगल एड डिफेंस काउसिल उपस्थित होते हैं, जिनके माध्यम से आप अपनी प्रकरण से संबंधित समस्याओं को कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचा सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में बंदियों के पूछे गये प्रश्नों का प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा समाधान सुझाया गया।

तदोपरान्त विधिक सहायता प्राप्त बंदी अपने अधिवक्ताओं से चर्चा कर अपने प्रकरण की अद्यतन जानकारी दी गई तथा उपस्थित चिकित्सों की टीम द्वारा बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कार्यक्रम के अंत में आभार सहायक जेल अधीक्षक श्री छोटेलाल प्रजापति द्वारा किया गया।

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