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शिक्षक आत्महत्या मामला
आरटीआई कार्यकर्ता के बाद अब एक अधिवक्ता भी बना आरोपी


दमोह के शिक्षक राजेश त्रिपाठी की आत्महत्या से जुड़े मामले में पुलिस ने शिक्षक को प्रताड़ित करने के आरोप में अब एक अधिवक्ता को आरोपी बनाया है। इससे पहले एक आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र भट्ट को इस मामले का आरोपी बनाया था जो अभी जेल में है। अब अधिवक्ता को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
आपको याद होगा 16 मई की रात शिक्षक राजेश त्रिपाठी ने हारट बरोदा मार्ग पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी। शुरुआत में परिजनों ने अज्ञात लोगों पर 4 लाख रुपए की लूट और हत्या करने का आरोप लगाया था, लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो उसमें हमला करने जैसे कोई सबूत नहीं मिले।
हटा टी आई धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि पड़ताल आगे बढ़ी तो पता चला कि शिक्षक राजेश त्रिपाठी की नौकरी से जुड़ी बीएड डिग्री फर्जी होने पर आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र भट्ट ने शिक्षक से करीब 20 से 30 लाख रुपए ले लिए थे और फिर से जेल भिजवाने की धमकी देकर पैसे की मांग कर रहा था।
इसी मानसिक प्रताड़ना के चलते शिक्षक ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने जितेंद्र भट्ट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गुरुवार को दमोह के फुटेरा वार्ड निवासी अधिवक्ता हरिशंकर दीक्षित को भी पुलिस ने शिक्षक को प्रताड़ित करने और ब्लैकमेलिंग करने के आरोप के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
उसे शाम को न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया है। अधिवक्ता ने करीब एक डेढ़ माह पहले शिक्षक को प्रताड़ित कर उससे रुपए लिए थे और ये पहले आरोपी जितेंद्र भट्ट का साथी है, जो उसके साथ मिलकर शिक्षक को ब्लैकमेल कर मानसिक प्रताड़ित कर रहा था।













































