—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*पेंशन मिलने की खुशी में वृद्ध मां फूलबाई ने जिला कलेक्टर को दिल से दिया आशीर्वाद मोरे भगवान… मोरे साब खुश रहो…*
*झुग्गी में पहुंचा प्रशासन, फूल बाई ने कलेक्टर के सिर पर हाथ फेरकर दिया आशीर्वाद, भावुक हुआ पूरा माहौल*
दमोह जिले में शुक्रवार को एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासन और आमजन के रिश्तों को संवेदनशीलता और मानवता की नई मिसाल के रूप में सामने ला दिया।
जब सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए महीनों से संघर्ष कर रही एक बुजुर्ग महिला की पीड़ा कलेक्टर तक पहुंची, तो प्रशासन केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खुद झुग्गी तक पहुंच गया।
प्रताप नारायण यादव स्वयं वृद्ध महिला फूल बाई के घर पहुंचे और उन्हें वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृति पत्र सौंपते हुए बताया कि 8 माह से लंबित पेंशन राशि उनके खाते में जमा करा दी गई है।
इस दौरान वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे।
फूल बाई ने कलेक्टर को बेटे जैसा स्नेह देते हुए उनके सिर और चेहरे पर हाथ फेरकर बुंदेलखंडी अंदाज में आशीर्वाद दिया—
**हे भगवान… हे मोरे भगवान… मोरे साब खुश रहो… तोहका भगवान लंबी उमर देय…**
यह दृश्य देख आसपास मौजूद महिलाओं और अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं।
मौके पर जनपद पंचायत दमोह के सीईओ हलधर मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी वाय.ए. कुरैशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने बस्ती के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले जनसुनवाई में पहुंची थी बूढ़ी मां फूल बाई अपने लगभग 10-11 वर्षीय नाती के साथ जनसुनवाई में पहुंची थीं। नाती के हाथ में प्लास्टर बंधा हुआ था। कांपती आवाज में उन्होंने बताया था कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन पिछले 8 महीनों से बंद है।
उन्होंने कहा कि दवाई, राशन और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
जांच में सामने आया कि सामाजिक न्याय विभाग महिला की e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहा था। अधिकारियों ने यह कहते हुए मामला लगभग बंद कर दिया था कि वृद्ध महिला के फिंगरप्रिंट मशीन में मैच नहीं हो रहे हैं।
यह जानकारी जब कलेक्टर तक पहुंची तो उन्होंने इसे केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही माना। उन्होंने तत्काल ई-गवर्नेंस मैनेजर और आधार केंद्र प्रभारी को मौके पर बुलाकर समाधान के निर्देश दिए।
महिला के हाथ साफ करवाए गए और सभी दस उंगलियों से बार-बार फिंगरप्रिंट मिलाने का प्रयास किया गया। लंबी कोशिशों के बाद e-KYC सफल हुई और वृद्धावस्था पेंशन पुनः शुरू कर दी गई।
मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने 8 माह की पेंशन राशि के बराबर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। यह राशि संबंधित कर्मचारियों से वसूलकर सीधे फूल बाई के खाते में जमा कराई गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर पात्र हितग्राहियों को परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फूल बाई को पेंशन स्वीकृति पत्र सौंपते समय कलेक्टर ने विनम्रता के साथ कहा कि प्रशासनिक तंत्र की गलती के कारण उन्हें जो परेशानी उठानी पड़ी, उसके लिए पूरा प्रशासन उनसे माफी मांगता है।
स्थानीय महिलाओं ने कहा कि पहली बार किसी अधिकारी को गरीब की झुग्गी में पहुंचकर माफी मांगते देखा गया।
जब फूल बाई ने कलेक्टर को आशीर्वाद दिया, तो कलेक्टर भी भावुक नजर आए।
उन्होंने हाथ जोड़कर कहा—
माई अब तोहका दफ्तरन के चक्कर नई काटना परि हैं। कोई भी परेशानी होय तो सीधे बतायो। प्रशासन तुम सबके साथ है।
यह सुनकर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
प्रताप नारायण यादव ने बताया कि जिले में ऐसे कई पात्र लोग हो सकते हैं जो तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 1,664 संभावित हितग्राहियों की सूची तैयार की है।
सोमवार से जिलेभर में विशेष “सेवा एवं आशीर्वाद” अभियान शुरू किया जाएगा। गांव-गांव और वार्ड-वार्ड शिविर लगाकर जनपद पंचायत, नगरीय निकाय, सामाजिक न्याय विभाग और आधार केंद्र की संयुक्त टीमें लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगी।
इस भावुक घटना के बाद पूरे जिले में फूल बाई और कलेक्टर के बीच का यह आत्मीय दृश्य चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे प्रशासनिक संवेदनशीलता, मानवता और सेवा भावना की मिसाल बता रहे हैं।














































