—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*25 वर्षों बाद शनिवार को पड़ रही शनि जयंती, आज बन रहे तीन शुभ संयोग*
*श्री शिव शनि हनुमान मंदिर में मनाई जाएगी शनि जयंती*


दमोह। ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर आज 16 मई को शनि जयंती, ज्येष्ठ अमावस्या और वट सावित्री व्रत का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस बार सबसे विशेष बात यह है कि करीब 25 वर्षों बाद शनि जयंती शनिवार के दिन पड़ रही है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शनिदेव का जन्म ज्येष्ठ अमावस्या के दिन हुआ था। इसी कारण प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन विधि-विधान से शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।
इसी अवसर पर एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, तेलाभिषेक एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष शनि जयंती पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी विशेष प्रभाव है। इस योग में किए गए शुभ एवं मांगलिक कार्य अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। शनिवार और शनि जयंती का यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए विशेष पुण्यदायी बताया गया है।
मंदिर के पुजारी पंडित बालकृष्ण शास्त्री एवं आचार्य पंडित आशुतोष गौतम शास्त्री के अनुसार शनि जयंती पर प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर शनिदेव की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धालु शनिदेव को तेल, पुष्पमाला, काली उड़द, काले तिल एवं प्रसाद अर्पित करें। इसके साथ ही दीपदान एवं शनि मंत्रों का जाप करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शनिदेव की आराधना से शनि दोषों से राहत मिलती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।











































