—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*5 लाख हस्ताक्षरों के साथ गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग दमोह में हजारों गौ भक्तों की विशाल रैली*
दमोह। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर हिंदू गौ रक्षा निस्वार्थ समिति द्वारा पिछले तीन माह से चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान का सोमवार को भव्य समापन विशाल ज्ञापन रैली के साथ हुआ। समिति ने दावा किया कि अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एवं सहमति पत्र एकत्र किए गए, जिन्हें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल हस्ताक्षर जुटाना नहीं, बल्कि समाज में गौ माता के प्रति श्रद्धा, सम्मान और जागरूकता का संदेश पहुंचाना भी था। अभियान के दौरान समिति के सदस्य दीपक नेमा, सत्यम चौरसिया, नितिन चौरसिया और गुल्ले सोनी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने अपने रक्त से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की।
सोमवार को हजारों की संख्या में गौ भक्त और श्रद्धालु पुराने थाने पर एकत्र हुए। राधारमण मंदिर से जुड़े भक्तों, भजन मंडलियों, महिलाओं और युवाओं ने “हरे राम-हरे कृष्ण” के जयघोष तथा भक्ति गीतों के साथ पारंपरिक नृत्य करते हुए नगर में विशाल शोभायात्रा निकाली। पूरे मार्ग में धार्मिक और भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
रैली के टॉकीज चौराहे पर मध्य प्रदेश लघु व्यापारी संघ ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष तनुज पाराशर, प्रदेश महामंत्री शैलेंद्र जैन, जिला अध्यक्ष पंकज सोनी, मनोज जैन, कोमल रैकवार, अज्जू सोनी, शुभम सोनी, अरुण चौरसिया, अब्बू चौरसिया, उमेश महाराज, संदीप अहीरवाल, संदीप सोनी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
इसके बाद रैली घंटाघर, अस्पताल चौराहा और कीर्ति स्तंभ होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, निस्वार्थ गौ सेवा समिति तथा विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ 5 लाख से अधिक हस्ताक्षरों की प्रतियां भी प्रशासन को सौंपी गईं।
हालांकि रैली के दौरान कलेक्टर के कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने पर कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार पिछले तीन माह से लगातार किया जा रहा था, इसके बावजूद कलेक्टर की अनुपस्थिति से कार्यकर्ताओं में असंतोष देखने को मिला। वहीं प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे संबंधित स्तर तक भेजे जाने की प्रक्रिया की बात कही।





















































