—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*दमोह में शादी के नाम पर ठगी का खुलासा लुटेरी दुल्हन समेत तीन गिरफ्तार*
*₹1.70 लाख नकद और ₹2.40 लाख के जेवर लेने का आरोप तीन मोबाइल और ₹7,700 बरामद कई युवतियों के कथित फर्जी आधार कार्ड मिलने का पुलिस का दावा*
दमोह। शादी के नाम पर कथित तौर पर नकदी और जेवर लेकर फरार होने के मामले का दमोह देहात पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में कथित दुल्हन खुशबू राजपूत सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और ₹7,700 नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान एक आरोपी के मोबाइल से कई युवतियों के कथित फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि मामले के पीछे एक संगठित नेटवर्क हो सकता है। फिलहाल पुलिस अन्य संभावित मामलों और गिरोह से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
नगर पुलिस अधीक्षक ए.आर. पांडे ने सोमवार, 31 अगस्त को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रानगिर मंदिर में हुई थी शादी
पुलिस के अनुसार ग्राम बांसा तारखेड़ा निवासी 38 वर्षीय दिनेश विश्वकर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव की रहने वाली नर्मदा पटेल ने सागर जिले के केनेरा निवासी नीरज पटेल और मालती पटेल से संपर्क कराया था। इसके बाद जबलपुर के रांझी निवासी खुशबू राजपूत से दिनेश की शादी कराने की बात तय हुई।
पुलिस के मुताबिक 20 अप्रैल 2026 को रानगिर मंदिर में दिनेश और खुशबू का विवाह कराया गया। शादी के दौरान खुशबू को कथित तौर पर ₹1.70 लाख नकद और करीब ₹2.40 लाख कीमत के जेवर दिए गए।
तीन दिन बाद बड़ी बहन बनकर पहुंची महिला
शिकायत के अनुसार शादी के महज तीन दिन बाद, 23 अप्रैल 2026 को मालती पटेल बांसा तारखेड़ा पहुंची। उसने खुद को खुशबू की बड़ी बहन बताते हुए कहा कि खुशबू को कुछ दिनों के लिए अपने साथ ले जाना है। इसके बाद वह खुशबू को अपने साथ जबलपुर ले गई।
इसके बाद खुशबू कथित तौर पर दिनेश के पास वापस नहीं लौटी। काफी समय तक संपर्क नहीं होने पर दिनेश ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कथित नेटवर्क
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान 28 अगस्त 2026 को नर्मदा पटेल और मालती पटेल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मालती पटेल द्वारा अपने पति नीरज उर्फ धीरज पटेल के साथ मिलकर शादी के नाम पर पैसे कमाने की बात सामने आने का पुलिस ने दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक नीरज पटेल के खिलाफ पन्ना जिले के अमानगंज में भी कथित रूप से लुटेरी दुल्हन से जुड़े मामले सामने आए हैं और वह वर्तमान में पन्ना जेल में बंद है।
जांच के दौरान मालती पटेल के मोबाइल फोन की पड़ताल में पुलिस को कई युवतियों के कथित फर्जी आधार कार्ड मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन दस्तावेजों की सत्यता और उनके इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
जबलपुर से कथित दुल्हन गिरफ्तार
पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार 31 अगस्त 2026 को खुशबू राजपूत को जबलपुर के रांझी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद खुशबू ने राजस्थान के कोटा में दूसरी शादी भी कर ली थी।
पुलिस द्वारा खुशबू को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं नर्मदा पटेल और मालती पटेल को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
तीन मोबाइल और ₹7,700 नकद बरामद
दमोह देहात पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और ₹7,700 नकद बरामद किए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन में उपलब्ध जानकारी, दस्तावेजों और संपर्कों की जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार विवेचना आगे बढ़ने पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शादी के नाम पर ठगी के संभावित मामलों की जानकारी सामने आ सकती है।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और आरोपियों से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
नगर पुलिस अधीक्षक ए.आर. पांडे के अनुसार इस कार्रवाई में दमोह देहात थाना निरीक्षक धर्मेंद्र उपाध्याय, सागर नाका चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम दांगी, प्रधान आरक्षक रामकुमार, आरक्षक अखिलेश, योगेंद्र एवं मनीष, महिला आरक्षक रचना विश्वकर्मा, महिला सैनिक गीता पटेल तथा सैनिक महफूज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस टीम ने जांच, पूछताछ और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचकर गिरफ्तारियां कीं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और क्या इस मामले के अलावा भी अन्य लोगों को इसी तरह शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और कथित घटनाओं की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।






















