—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*जिला जेल में भावुक माहौल में मनाया गया रक्षाबंधन*
*रक्षाबंधन पर्व पर बारिश के बीच पहुंचीं बहनें कैदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी*
*200 से अधिक बहनों ने निभाया भाई-बहन के स्नेह का रक्षाबंधन पर्व*


दमोह। भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व शुक्रवार को जिला जेल दमोह में भी भावुक और आत्मीय माहौल में मनाया गया। जेल विभाग के निर्देशों के अनुरूप जेल प्रशासन द्वारा बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात तथा राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में बहनें अपने कैदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने जिला जेल पहुंचीं।
सुबह से ही जेल के बाहर बहनों और परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। बारिश के कारण कुछ समय के लिए परेशानी जरूर हुई, लेकिन बहनों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। बारिश थमने के बाद बहनों को नियमानुसार जेल परिसर में प्रवेश दिया गया, जहां उन्होंने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राखी बांधने के दौरान कई ऐसे भावुक क्षण भी सामने आए, जिन्हें देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। लंबे समय बाद भाई से मिल रही बहनों ने राखी बांधते हुए उन्हें समझाया कि जीवन में दोबारा ऐसी गलती न हो, जिससे परिवार और अपनों को परेशानी उठानी पड़े। कई बहनों ने अपने भाइयों से वचन लिया कि वे भविष्य में किसी भी गलत रास्ते पर नहीं जाएंगे। वहीं भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे आगे से अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।
कई भाई-बहन एक-दूसरे से मिलकर भावुक हो गए और गले लगकर रो पड़े। इस दौरान जेल परिसर का माहौल कुछ समय के लिए बेहद भावुक हो गया। भाई-बहन के बीच स्नेह और अपनत्व का यह दृश्य देखकर वहां मौजूद जेल स्टाफ भी भावुक नजर आया।
जेल गाइडलाइन के अनुसार सामग्री ले जाने की अनुमति
जेल प्रशासन द्वारा रक्षाबंधन को लेकर निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार बहनों को जेल के अंदर 250 ग्राम तक मिठाई, राखी और रुमाल ले जाने की अनुमति दी गई थी। कई बहनें अपने भाइयों के लिए वस्त्र भी लेकर पहुंचीं। जेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए परिजनों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया।
विशेष बात यह रही कि जेल में बंद कुछ बहनों के भाइयों ने भी जिला जेल पहुंचकर अपनी बहनों की कलाई पर राखी बांधी। इस तरह भाई-बहन दोनों ओर से रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उत्साह के साथ मनाया गया।
200 से अधिक बहनों ने बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में 200 से अधिक बहनों ने पहुंचकर अपने कैदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। जेल प्रशासन द्वारा सभी आने वाले परिजनों का रिकॉर्ड और नाम दर्ज किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुलाकात और राखी बांधने की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया।
कैदियों के लिए विशेष भोज की व्यवस्था
रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में बंद कैदियों के लिए विशेष भोजन की भी व्यवस्था की गई। कैदी भाइयों और बंद बहनों को पर्व के अवसर पर विशेष भोज कराया गया तथा मिठाई भी उपलब्ध कराई गई। जेल प्रशासन का कहना है कि शासन के निर्देशों के अनुसार प्रमुख त्योहारों पर बंदियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की जाती है, ताकि वे भी पर्व की खुशियों में सहभागी बन सकें।
बारिश को देखते हुए किए गए विशेष इंतजाम
बारिश की संभावना को देखते हुए जेल प्रशासन द्वारा परिजनों के लिए जेल परिसर के बाहर टेंट और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। इससे बारिश के दौरान आने वाले परिजनों को राहत मिली। जेल प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि राखी बांधने और मुलाकात की प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा की दृष्टि से जिला पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था जिला जेल परिसर में की गई थी। जेल स्टाफ और पुलिसकर्मियों ने आने वाले परिजनों की निगरानी के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को संभाला।
दमोह जेल अधीक्षक एम.एल. पटेल के नेतृत्व में व्यवस्थाएं
पूरे कार्यक्रम की व्यवस्थाएं जेल अधीक्षक एम.एल. पटेल के नेतृत्व में की गईं। जेल निरीक्षक रोहित सिंह, प्रीतम सिंह, सचिन, पुष्पेंद्र, कुलदीप, सत्यवती रीना सहित अन्य जेल स्टाफ ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
जेल अधीक्षक एम.एल. पटेल ने बताया कि शासन और जेल विभाग के निर्देशों के अनुसार रक्षाबंधन पर्व पर बंदियों को उनके परिजनों से राखी बंधवाने की व्यवस्था की गई। सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए बहनों को मुलाकात का अवसर दिया गया। साथ ही कैदियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर जेल की चारदीवारी के भीतर भी भाई-बहन के प्रेम की भावनाएं देखने को मिलीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें जीवन में सुधार करने और अच्छे रास्ते पर चलने का संदेश दिया, वहीं भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में किसी प्रकार की गलती नहीं दोहराएंगे।
इस तरह जिला जेल में रक्षाबंधन का पर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच भावुकता, आत्मीयता और भाई-बहन के स्नेह के साथ संपन्न हुआ।
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