Home » अपराध » Mp » *हरितालिका तीज पर आस्था का रंग निर्जला व्रत रख सुहागिनों ने की शिव-पार्वती की आराधना* *रातभर ढोलक की थाप पर गूंजे भजन-कीर्तन, भोलेनाथ के लिए बनाए मिष्ठान-पकवान, जागरण कर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य*

*हरितालिका तीज पर आस्था का रंग निर्जला व्रत रख सुहागिनों ने की शिव-पार्वती की आराधना* *रातभर ढोलक की थाप पर गूंजे भजन-कीर्तन, भोलेनाथ के लिए बनाए मिष्ठान-पकवान, जागरण कर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य*

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0;
runfunc: 0; algolist: 0;
multi-frame: 1;
brp_mask:0;
brp_del_th:0.0000,0.0000;
brp_del_sen:0.0000,0.0000;
motionR: null;
delta:null;
module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 367.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 48;zeissColor: bright;
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0;
runfunc: 0; algolist: 0;
multi-frame: 1;
brp_mask:0;
brp_del_th:0.0000,0.0000;
brp_del_sen:0.0000,0.0000;
motionR: null;
delta:null;
module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 362.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: 0;weatherinfo: null;temperature: 51;zeissColor: bright;

filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0;
runfunc: 0; algolist: 0;
multi-frame: 1;
brp_mask:0;
brp_del_th:0.0000,0.0000;
brp_del_sen:0.0000,0.0000;
motionR: null;
delta:null;
module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 50;zeissColor: bright;
—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*हरितालिका तीज पर आस्था का रंग, निर्जला व्रत रख सुहागिनों ने की शिव-पार्वती की आराधना

रातभर ढोलक की थाप पर गूंजे भजन-कीर्तन, भोलेनाथ के लिए बनाए मिष्ठान-पकवान, जागरण कर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य

दमोह। हरितालिका तीज के पावन पर्व पर दमोह जिले में आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। वहीं कई महिलाओं ने रातभर जागरण करते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

सुबह से ही घरों में तीज पर्व को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। महिलाओं ने स्नान आदि के बाद नए वस्त्र धारण किए और श्रृंगार कर पूजा की तैयारियां शुरू कीं। पूजा के लिए भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमाओं को सजाया गया। महिलाओं ने पूजा की थाली में फल, फूल, बेलपत्र, धतूरा, मिष्ठान सहित विभिन्न पूजन सामग्री रखकर भोलेनाथ और माता पार्वती का पूजन किया।

भोलेनाथ के लिए बनाए विशेष मिष्ठान और पकवान

हरितालिका तीज के अवसर पर महिलाओं ने अपने घरों में भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए विशेष मिष्ठान और पकवान भी तैयार किए। घर की रसोई में तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए। पूजा के बाद इन पकवानों और मिष्ठान को भगवान शिव-पार्वती को भोग के रूप में अर्पित किया गया। इसके साथ ही परिजनों के लिए भी विशेष पकवान तैयार किए गए।

व्रत के दौरान महिलाओं ने पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर भगवान शिव की आराधना की। निर्जला व्रत के बावजूद महिलाओं में पर्व को लेकर गजब का उत्साह नजर आया। उनका कहना था कि हरितालिका तीज केवल एक पर्व नहीं बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते, परिवार की खुशहाली और भगवान शिव-पार्वती के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है।

रातभर गूंजते रहे भजन, ढोलक की थाप पर झूमीं महिलाएं

तीज की रात जैसे-जैसे गहराती गई, वैसे-वैसे महिलाओं की भक्ति और बढ़ती गई। कई स्थानों पर महिलाएं एकत्रित हुईं और ढोलक की थाप पर भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। किसी ने शिव-पार्वती के भजन गाए तो किसी ने पारंपरिक तीज गीतों के माध्यम से पर्व की महिमा का गुणगान किया।

रात के सन्नाटे में जब ढोलक की थाप और भजनों की आवाज गूंजती रही तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाएं समूह में बैठकर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की आराधना करती रहीं। कई महिलाओं ने पूरी रात जागरण किया और भजन-कीर्तन के साथ शिव-पार्वती से अपने परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

सुहागिनों ने मांगा अखंड सौभाग्य

मान्यता के अनुसार हरितालिका तीज पर माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप और व्रत किया था। इसी धार्मिक आस्था के चलते सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना से यह व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित युवतियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से शिव-पार्वती की आराधना करती हैं।

पर्व के दौरान महिलाओं के बीच उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथों में मेहंदी, माथे पर बिंदी, मांग में सिंदूर और पारंपरिक श्रृंगार में सजी महिलाएं पूजा-अर्चना करती नजर आईं। घरों और आसपास के मंदिरों में भी तीज पर्व को लेकर विशेष धार्मिक वातावरण बना रहा।

भक्ति में डूबी नजर आईं महिलाएं

पूरे जिले में हरितालिका तीज ने महिलाओं को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का काम किया। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद भी महिलाओं ने रातभर भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कहीं ढोलक की थाप सुनाई दी तो कहीं शिव-पार्वती के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

सुबह होने तक महिलाओं का जागरण और पूजा-अर्चना जारी रही। पूजा के दौरान महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए परिवार की खुशहाली, पति की दीर्घायु और संतान के सुख-समृद्धि की कामना की।

हरितालिका तीज के अवसर पर दमोह में भक्ति, श्रृंगार, उपवास, भजन-कीर्तन और पारंपरिक रीति-रिवाजों का ऐसा रंग देखने को मिला, जिसने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This

Recent Post

*हरितालिका तीज पर आस्था का रंग निर्जला व्रत रख सुहागिनों ने की शिव-पार्वती की आराधना* *रातभर ढोलक की थाप पर गूंजे भजन-कीर्तन, भोलेनाथ के लिए बनाए मिष्ठान-पकवान, जागरण कर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य*