—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*ग्राम ग्वारी में बुंदेली संस्कृति की छटा, देवी गीतों और देशभक्ति लोकगीतों ने मोहा मन*
*स्थानीय कलाकारों ने लोकगीतों, भजनों और देवी भगत की दी मनमोहक प्रस्तुतियां कलाकारों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित*
*अखलेश घोषी की विशेष रिपोर्ट*
दमोह। बुंदेलखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और लोककलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ग्राम ग्वारी में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय, भोपाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने बुंदेली लोकगीतों, देवी गीतों, भजनों और देशभक्ति पर आधारित लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के पूजन एवं भगवान गणेश की वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोकपरंपराओं और क्षेत्रीय कलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
लोकसंस्कृति के संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम समन्वयक मिशन जन जागृति युवा मंडल ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय, भोपाल के मार्गदर्शन में इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोककलाओं को मंच प्रदान करना और बुंदेलखंड की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने लोकवाद्य यंत्रों के साथ बुंदेली लोकगीतों, भजनों, देवी गीतों तथा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की ब्लॉक समन्वयक वंदना जैन ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और लोककलाओं के प्रति लगाव एवं सम्मान बढ़ता है। उन्होंने कहा कि बुंदेली संस्कृति वीरता, भक्ति और अटूट मेहनत का प्रतीक है। ऐसी सांस्कृतिक गतिविधियां समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम, दमोह के मेंटर ब्रजेश सेन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विलुप्त होती लोकपरंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन होता है। स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने से उनकी प्रतिभा को पहचान मिलती है और पारंपरिक लोककलाओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है।
लोकगीतों और देवी भगत की शानदार प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सीताराम कला मंडली, ग्वारी के कलाकारों ने बुंदेली लोकगीतों और भजनों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। वहीं उमाशंकर सेन ने अपनी मंडली के साथ देवी भगत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में बाल कलाकारों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने बुंदेली वादन के साथ देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों में देशप्रेम और सांस्कृतिक गौरव की भावना जगाई। लोकवाद्य यंत्रों की धुनों और पारंपरिक गीतों ने बुंदेलखंड की लोकसंस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
कलाकारों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन के माध्यम से कलाकारों का उत्साहवर्धन करने के साथ ही बुंदेली संस्कृति को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर दानसिंह लोधी, नारायण सिंह, कृष्णा सिंह, करन सिंह सहित ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति, ग्वारी के सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही राहुल पाठक एवं जितेंद्र सिंह राजपूत की भी सहभागिता रही।
ग्राम ग्वारी में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने लोककला, भक्ति और देशभक्ति के संगम के माध्यम से बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान किया। ऐसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को अपनी लोकपरंपराओं से परिचित कराने में भी मदद मिलती है।

















