Home » अपराध » Mp » *मानवता और सेवा की मिसाल बने धीरज पांडेय के बेटे सौरज की भावुक अपील ने जीता लोगों का दिल*

*मानवता और सेवा की मिसाल बने धीरज पांडेय के बेटे सौरज की भावुक अपील ने जीता लोगों का दिल*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*मानवता और सेवा की मिसाल बने धीरज पांडेय के बेटे सौरज की भावुक अपील ने जीता लोगों का दिल*

*माई की रसोई प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन शुद्ध पेयजल एवं ठहरने की उपलब्धता कराते हैं*

*माई की रसोई निशुल्क चला रहे सौराज पांडे की हो रही जगत में प्रशंसा*

मैहर/धीरज पांडेय ने अपने निस्वार्थ सेवा कार्यों से पूरे मैहर में एक अलग पहचान बनाई है। पिछले सात वर्षों से वे “माई की रसोई” के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद, असहाय एवं दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। उनकी इस सेवा से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को राहत मिलती है।

धीरज पांडेय का मानना है कि “मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।” यही कारण है कि उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के लगातार समाजसेवा को अपना धर्म बना लिया है। भीषण गर्मी, बारिश या सर्दी—हर मौसम में “माई की रसोई” जरूरतमंदों के लिए खुली रहती है।

उनके सुपुत्र सौरज पांडेय ने भी अपने पिता की सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए श्रद्धालुओं और आमजन से भावुक अपील की है कि वे “माई की रसोई” का प्रसाद ग्रहण करें और इस पुनीत कार्य में सहयोग दें। सौरज पांडेय का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनकी विनम्रता, संस्कार और सेवा के प्रति समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है।

लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां अधिकांश लोग केवल अपने स्वार्थ तक सीमित रहते हैं, वहीं धीरज पांडेय और उनका परिवार मानवता की सच्ची मिसाल बनकर सामने आया है। स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा उनके कार्यों की लगातार सराहना की जा रही है।

मां शारदा देवी की पावन नगरी में सेवा का अनूठा उदाहरण

माँ शारदा देवी मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां विराजमान मां शारदा देवी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु देशभर से माता के दर्शन के लिए मैहर पहुंचते हैं।

धार्मिक आस्था और भक्ति की इस नगरी में “माई की रसोई” जैसी सेवा लोगों के लिए किसी प्रसाद से कम नहीं है। मां शारदा देवी की कृपा और प्रेरणा से संचालित यह सेवा कार्य श्रद्धालुओं को भोजन के साथ अपनापन और सम्मान भी प्रदान करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस प्रकार मां शारदा अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं, उसी प्रकार धीरज पांडेय भी जरूरतमंदों की सेवा कर समाज में मानवता और करुणा का संदेश दे रहे हैं।

“माई की रसोई” आज केवल भोजन वितरण केंद्र नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, संस्कार और इंसानियत का जीवंत प्रतीक बन चुकी है।

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This

Recent Post