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*चार लाख का बिजली बिल घटकर 58 हजार हुआ फिर भी नहीं जुड़ी बिजली*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—

*चार लाख का बिजली बिल घटकर 58 हजार हुआ फिर भी नहीं जुड़ी बिजली*


दमोह/तेंदूखेड़ा ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर अपनी पत्नी के नाम से संचालित राइस मिल के बिजली बिल को लेकर लंबे समय से परेशान हैं। उनका आरोप है कि मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उनकी राइस मिल पर चार लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल थमा दिया गया था, जबकि मिल पूरे वर्ष नहीं चलती और केवल लगभग चार महीने ही संचालित होती है। इसके बावजूद लगातार भारी-भरकम बिल जारी किए जाते रहे।

आनंद ठाकुर के अनुसार उन्होंने कई बार स्थानीय विद्युत अधिकारियों और हर्रई विद्युत वितरण केंद्र में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। विभागीय स्तर पर राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने मामला बिजली उपभोक्ता फोरम, जबलपुर में पहुंचाया।

फोरम में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद उपभोक्ता को बड़ी राहत मिली। फोरम ने चार लाख रुपये से अधिक के विवादित बिजली बिल को निरस्त करते हुए संशोधित बिल लगभग 58 हजार रुपये निर्धारित किया। साथ ही फोरम ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन पहले बहाल किया जाए और इसके बाद संशोधित राशि जमा कराई जाए।

जानकारी के अनुसार उपभोक्ता फोरम द्वारा यह आदेश 2 जून को जारी किया गया था। लेकिन आदेश जारी होने के कई दिन बाद भी हर्रई विद्युत वितरण केंद्र द्वारा राइस मिल का बिजली कनेक्शन पुनः नहीं जोड़ा गया है। इससे आनंद ठाकुर और उनके परिवार को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बंद रहने से राइस मिल का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिससे मजदूरों और व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों पर भी असर पड़ रहा है।

आनंद ठाकुर का कहना है कि जब न्यायिक मंच द्वारा बिल में संशोधन कर दिया गया और कनेक्शन बहाल करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए, तब भी विभाग द्वारा आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग की है।

मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का समय पर पालन नहीं होगा तो आम उपभोक्ताओं का विश्वास व्यवस्था से उठ सकता है। वहीं बिजली विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग फोरम के आदेश का पालन करते हुए कब तक राइस मिल का बिजली कनेक्शन बहाल करता है और उपभोक्ता को राहत प्रदान करता है।

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