—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पथरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कलेक्टर ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर दिखाई सख्ती*
दमोह, 29 जून 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को पथरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता नहीं होने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से जानकारी ली। बताया गया कि संबंधित दवाओं की मांग जिला मुख्यालय से की गई है। कलेक्टर ने तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को सभी आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के किसी भी अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए और मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र बंद मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को तत्काल निरीक्षण कर केंद्र को शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि वर्तमान संचालक केंद्र का संचालन नहीं कर रहा है, तो इसे किसी अन्य पात्र व्यक्ति को सौंपा जाए ताकि लोगों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि डॉक्टर और डेंटिस्ट एक ही कक्ष में मरीजों का उपचार कर रहे थे। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि डेंटिस्ट अपने निर्धारित कक्ष में बैठकर उपचार करें, जहां दंत चिकित्सा की समुचित सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने कम वेतन मिलने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने लेबर इंस्पेक्टर को जांच के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों को उनका पूरा वेतन दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उपस्थिति पंजी की जांच के दौरान डॉ. अमित जैन अनुपस्थित पाए गए। जानकारी मिली कि उनका स्थानांतरण हो चुका है। इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उनकी अनुपस्थिति अवधि का वेतन काटने के निर्देश दिए।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि डॉक्टर मेहनत कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए व्यवस्थाओं में लगातार सुधार जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल की किसी भी समस्या की जानकारी समय पर बैठकों में दें, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके।















































