—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*दमोह की रक्तदान सेवा का प्रेरक चेहरा बने दीपक जैन आज किया 54वां स्वैच्छिक रक्तदान*
दमोह, 20 जुलाई। समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके दमोह के सक्रिय रक्तदाता दीपक जैन ने सोमवार को जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में अपना 54वां स्वैच्छिक रक्तदान कर एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने अपने संकल्प के अनुसार प्रत्येक तीन माह में नियमित रक्तदान करते हुए इस बार भी ए प्लस (A+) रक्त दान किया। इससे पहले उन्होंने 20 अप्रैल 2026 को रक्तदान किया था और अब अगला 55वां रक्तदान 20 अक्टूबर 2026 को करने का संकल्प लिया है।
दीपक जैन का कहना है कि उनका जीवन मंत्र है—”जीते जी रक्तदान, जाते-जाते नेत्रदान और देहदान।” वे वर्षों से रक्तदान, नेत्रदान और मरणोपरांत देहदान के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उनका मानना है कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है, जिससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।
रक्तदान के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र जैन, शुभम जैन एवं जिला अस्पताल के ब्लड बैंक स्टाफ ने उनका उत्साहवर्धन किया। दीपक जैन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता-पिता, परिवार और समाज के लोगों के आशीर्वाद से ही वे अपने इस सेवा संकल्प को लगातार निभा पा रहे हैं।
दमोह जिले में दीपक जैन केवल स्वयं नियमित रक्तदान ही नहीं करते, बल्कि वे जरूरतमंद मरीजों तक निशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात सक्रिय रहते हैं। जिले में जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है, वे स्वयं अथवा अपने विशाल रक्तदाता नेटवर्क के माध्यम से तत्काल रक्त की व्यवस्था कराने का प्रयास करते हैं। उनकी इस निस्वार्थ सेवा के कारण अनगिनत मरीजों को समय पर रक्त मिल सका है।
दीपक जैन की प्रेरणा से जिले के हजारों युवाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अनेक ऐसे लोग, जो पहले रक्तदान करने से हिचकिचाते थे, आज नियमित रूप से प्रत्येक तीन माह में स्वैच्छिक रक्तदान कर रहे हैं। उनकी सेवा भावना, सरल स्वभाव और समर्पण ने उन्हें दमोह में रक्तदान अभियान का प्रेरणास्रोत बना दिया है।
समाज के प्रति उनके इस समर्पण को देखते हुए लोग उन्हें “रक्तदान के क्षेत्र में दमोह जिले की आन, बान और शान” मानते हैं। उनका संदेश स्पष्ट है कि यदि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रक्तदान करे तो किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में जीवन नहीं खोना पड़ेगा। दीपक जैन का यह 54वां रक्तदान निश्चित ही समाज को मानव सेवा के लिए प्रेरित करने वाला एक अनुकरणीय उदाहरण है।














































