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*आबकारी विभाग के खिलाफ भगवती मानव कल्याण संगठन का प्रदर्शन आबकारी अधिकारी को हटाने की मांग कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*आबकारी विभाग के खिलाफ भगवती मानव कल्याण संगठन का प्रदर्शन आबकारी अधिकारी को हटाने की मांग कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन*

दमोह। सोमवार को भगवती मानव कल्याण संगठन के हजारों कार्यकर्ताओं ने दमोह शहर में विशाल रैली निकालकर आबकारी विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “आबकारी हटाओ, दमोह बचाओ” के नारे लगाए और जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

संगठन के कार्यकर्ता पहले जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दमोह जिले में अवैध शराब का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और आबकारी विभाग इसे रोकने में विफल रहा है। संगठन ने आबकारी अधिकारी रविंद्र खरे को तत्काल हटाकर उनकी जगह नए अधिकारी की नियुक्ति की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारी शराब ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इसके बाद बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसपी आनंद कलादगी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष मुकेश तोमर ने कहा कि जिले में अवैध शराब का व्यापार खुलेआम चल रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के कार्यकर्ताओं पर झूठी एफआईआर दर्ज की जाती हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब ठेकेदारों की गाड़ियों पर ब्लैक फिल्म लगी रहती है और उनमें अवैध हथियार, लाठी-डंडों से लैस तथा चेहरे ढके हुए लोग घूमते हैं। संगठन ने बिना नंबर की गाड़ियों के उपयोग का भी आरोप लगाते हुए ऐसी सभी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आबकारी ठेकेदारों या विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, आबकारी अधिकारी रविंद्र खरे अथवा आबकारी विभाग की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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