Home » Uncategorized » *कोऑपरेटिव बैंक चौराहे से रेंज ऑफिस में भी अतिक्रमण को लेकर उठे सवाल*

*कोऑपरेटिव बैंक चौराहे से रेंज ऑफिस में भी अतिक्रमण को लेकर उठे सवाल*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*कोऑपरेटिव बैंक चौराहे से रेंज ऑफिस में भी अतिक्रमण को लेकर उठे सवाल*

*कोऑपरेटिव बैंक से कोतवाली चौराहे तक अतिक्रमण का अंबार, जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*

दमोह। शहर के प्रमुख कोऑपरेटिव बैंक चौराहे से लेकर कोतवाली चौराहे और कीर्ति स्तंभ क्षेत्र तक सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण को लेकर अब नगर पालिका, पुलिस प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक मार्गों और चौराहों के आसपास लगातार दुकानें, ठेले और अन्य प्रकार के कब्जे बढ़ रहे हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कोतवाली चौराहे के आसपास भी अतिक्रमण की स्थिति लगातार बढ़ रही है। यह क्षेत्र व्यस्त मार्ग होने के साथ-साथ स्कूली छात्राओं के आवागमन वाला इलाका भी है। जेपी स्कूल की छात्राएं इसी मार्ग से होकर गुजरती हैं। ऐसे में सड़क अथवा फुटपाथ पर अनधिकृत कब्जे और भीड़भाड़ के कारण छात्राओं एवं आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।

छात्राओं के आवागमन वाले मार्ग पर भी अतिक्रमण

नागरिकों का कहना है कि कोतवाली चौराहे से लेकर कीर्ति स्तंभ और आगे बैंक चौराहे तक कई स्थानों पर सड़क किनारे अतिक्रमण दिखाई देता है। कुछ स्थानों पर लोगों की मौजूदगी और दुकान-ठेलों के कारण पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरकर निकलना पड़ता है।

ऐसे में सवाल उठता है कि यदि यह सार्वजनिक मार्ग है तो इसकी नियमित निगरानी कौन करता है? नगर पालिका का अतिक्रमण अमला, यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस प्रशासन यदि लगातार क्षेत्र में मौजूद रहता है, तो बढ़ते अतिक्रमण पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?

कोतवाली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

स्थानीय नागरिकों द्वारा यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि कोतवाली चौराहे के आसपास यदि नियमों के विपरीत कब्जे अथवा सार्वजनिक मार्ग में बाधा उत्पन्न करने वाली गतिविधियां हो रही हैं तो सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

हालांकि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अवैध गतिविधि का आरोप बिना जांच के सही नहीं माना जा सकता। इसलिए मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक मार्ग बाधित करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

वन विभाग की जमीन और रेंज कार्यालय के आसपास भी सवाल

कोऑपरेटिव बैंक चौराहे के आसपास वन विभाग की रेंज कार्यालय से लगे क्षेत्र को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिकों की मांग है कि वन विभाग अपनी भूमि की सीमा और मौके की स्थिति स्पष्ट करे।

यदि किसी स्थान पर वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित विभाग द्वारा सीमांकन कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि भूमि वन विभाग की नहीं है तो विभाग को दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो।

दुकान की पिछली दीवार को लेकर भी जांच की मांग

स्थानीय स्तर पर एक दुकान की पिछली ओर की दीवार में बदलाव किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। इस संबंध में नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर यह जांच करे कि निर्माण किस भूमि पर है और क्या इसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी।

यदि निर्माण नियमों के अनुरूप पाया जाता है तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि सरकारी अथवा विभागीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

संरक्षण की चर्चा, लेकिन प्रमाण सामने आना बाकी

अतिक्रमण को लेकर स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि कहीं कुछ कब्जों को प्रभावशाली लोगों अथवा जनप्रतिनिधियों का संरक्षण तो प्राप्त नहीं है। हालांकि इस संबंध में फिलहाल कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इस तरह की चर्चाओं की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

यदि जांच में किसी प्रकार का संरक्षण अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं यदि ऐसी बातें निराधार पाई जाती हैं तो संबंधित विभागों को स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करनी चाहिए।

नगर पालिका, पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से करें निरीक्षण

नागरिकों की मांग है कि नगर पालिका, सिटी कोतवाली पुलिस, यातायात पुलिस तथा वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से कोऑपरेटिव बैंक चौराहे से कोतवाली चौराहे, कीर्ति स्तंभ और संबंधित मार्ग का निरीक्षण करें।

निरीक्षण के दौरान सड़क, फुटपाथ और शासकीय भूमि की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा जहां भी नियमानुसार अतिक्रमण पाया जाए, वहां कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से स्कूल के आसपास छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए मार्ग को अतिक्रमणमुक्त रखने की मांग की जा रही है।

अब देखना यह होगा कि नगर पालिका सीएमओ, सिटी कोतवाली पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मार्ग का निरीक्षण कर बढ़ते अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति कब सामने लाते हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर क्या कार्रवाई की जाती है।

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This