—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
📰 स्कूल से जुड़े सवाल पूछने आए यूट्यूबर की महिला शिक्षक ने की चप्पल से पिटाई — वीडियो वायरल, मंत्री ने दिए जांच के आदेश
दमोह, 10 अक्टूबर।
दमोह ज़िले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मझगुवां स्थित हिनौती आजम प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को एक महिला शिक्षक द्वारा स्कूल से जुड़े सवाल पूछने आए यूट्यूब चैनल संचालक पुष्पेंद्र सिंह लोधी की चप्पल से पिटाई करने का मामला सामने आया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे जिले में हड़कंप मच गया।
प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और क्षेत्रीय विधायक धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
📍 घटना कैसे हुई
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह एक स्थानीय यूट्यूब चैनल संचालक विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था और उपस्थिति से जुड़े सवाल लेकर पहुंचे थे।
उन्होंने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका से कुछ प्रश्न पूछे, जैसे कि —
स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति,
बच्चों की उपस्थिति और मिड-डे मील की स्थिति,
और शिक्षण कार्य की नियमितता।
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सवाल का जवाब ना देते हुए महिला शिक्षिका ने कहा आपसे बकवास कर रहे है और
इसी दौरान विद्यालय में पदस्थ एक महिला शिक्षिका ने आक्रोशित होकर यूट्यूबर पर अभद्र भाषा में बात की और चप्पल से पिटाई कर दी।
घटना के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों और बच्चों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
🎥 वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
वीडियो के वायरल होते ही मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
कई लोगों ने शिक्षिका के व्यवहार को अनुचित और अनुशासनहीन बताया।
लोगों का कहना है कि यदि शिक्षक ही जवाबदेही से भागने लगें तो शिक्षा व्यवस्था पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा।
⚖️ मंत्री और प्रशासन की प्रतिक्रिया
वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश के मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा —
> “शिक्षक समाज का अनुशासित वर्ग है। ऐसी घटना शिक्षण गरिमा के विपरीत है। मैंने डीईओ को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।”
इस निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि
> “हमें घटना की जानकारी प्राप्त हुई है। संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जांच टीम गठित की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
🧾 संभावित कार्रवाई और जांच
मामले में शिक्षा विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और शिक्षक आचरण संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
संबंधित शिक्षिका पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अंतर्गत निलंबन, की कार्यवाही की गई
चेतावनी एवं वेतनवृद्धि रोकने जैसे दंडात्मक प्रावधान लागू हो सकते हैं।
🗣️ स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
ग्राम हिनौती के कई ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में लंबे समय से शिक्षण व्यवस्था सुचारु नहीं है।
कुछ अभिभावकों ने कहा कि
> “हमारे बच्चे रोज स्कूल जाते हैं, लेकिन कई बार शिक्षक समय पर नहीं आते। यूट्यूबर ने जो सवाल किए, वो जनता के मन के सवाल थे।”
वहीं एक अन्य ग्रामीण ने कहा,
> “शिक्षिका का व्यवहार अनुचित है, लेकिन मीडिया कर्मी को बेइज्जत करना सही नहीं है
💬 शिक्षा जगत में चर्चा
इस घटना के बाद शिक्षा जगत में चर्चा है कि मीडिया और शिक्षकों के बीच संवाद की मर्यादा कहाँ तक होनी चाहिए।
> “शिक्षक से अपेक्षा की जाती है कि वह हर परिस्थिति में संयम रखे। गुस्से में दिया गया एक गलत कदम पूरी सेवा और संस्था की छवि खराब कर सकता है।”
📌 वर्तमान स्थिति
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच प्रारंभ कर दी है।
शिक्षिका को अस्थायी रूप से शिक्षण कार्य से अलग किया जा सकता है।
प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर एवं विभागीय आयुक्त को भेजी जा रही है।
यह घटना केवल एक व्यक्ति या एक विद्यालय की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न है।
जब जनता स्कूल से जुड़े सवाल पूछती है, तो उसे शत्रु नहीं बल्कि सहयोगी समझना चाहिए।
सरकार और विभाग को चाहिए कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करे और भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों l













































