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*एएसआई आनंद कुमार बच्चों को पढ़ाकर, खेल सिखाकर दे रहे नई दिशा, कलेक्टर ने की खुलकर प्रशंसा*

*अच्छा कार्य करने वालों को प्रशासन की ओर से सराहना पत्र मिलना चाहिए – कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर*

*एएसआई आनंद कुमार बच्चों को पढ़ाकर, खेल सिखाकर दे रहे नई दिशा, कलेक्टर ने की खुलकर प्रशंसा*


दमोह जिले के कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर आज ग्राम फुटेरा कला में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान ग्राम के लोगों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी चौकी में पदस्थ एएसआई आनंद कुमार के सामाजिक योगदान की चर्चा की, जिसे सुनकर कलेक्टर स्वयं भी प्रभावित हुए।

*चौकी बनी है बच्चों की “पढ़ाई और खेल की पाठशाला”*
ग्रामवासियों ने बताया कि एएसआई आनंद कुमार चौकी परिसर में स्वयं पहल करके बच्चों को न सिर्फ पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें खेलकूद का प्रशिक्षण भी देते हैं।

कलेक्टर द्वारा जानकारी लेने पर आनंद कुमार ने बताया कि उनके पास प्रतिदिन लगभग 30 बच्चे पढ़ने आते हैं। बच्चों की कक्षाएं दो समय में लगती हैं—
सुबह : 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक
शाम : 5 बजे से 6 बजे तक

शाम 6 बजे के बाद चौकी परिसर खेल मैदान में बदल जाता है, जहाँ बच्चे बैडमिंटन, कबड्डी सहित अन्य खेल सीखते और खेलते हैं।
काम पर बाहर जाने वाले माता-पिता के बच्चों की पढ़ाई संभाल रहे एएसआई आनंद

उन्होंने बताया कि ये बच्चे खासतौर पर वे हैं जिनके माता-पिता दिल्ली या दूसरे शहरों में मेहनत-मजदूरी के लिए चले जाते हैं। लंबी दूरी और परिवार की परिस्थितियों के कारण कई बच्चों के नाम स्कूल से कट गए हैं या वे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पा रहे।

एएसआई आनंद का कहना है—

मैं इन बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाता हूँ ताकि अगला सत्र शुरू होते ही ये बच्चे आसानी से स्कूल में एडमिशन लेकर पढ़ाई शुरू कर सकें। मेरा प्रयास है कि इन्हें पढ़ाई में किसी भी तरह की कठिनाई न आए।

*बाल दिवस पर बच्चों को स्कूल ले जाकर दिया प्रेरणादायी अनुभव*

आनंद कुमार ने बताया कि बाल दिवस पर वे बच्चों को पास के स्कूल ले गए थे, जहाँ उन्होंने बच्चों को बताया कि स्कूल में अध्ययन किस प्रकार होता है, किस तरह अनुशासन और गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व को निखारती हैं।

उनका कहना है कि उद्देश्य सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि बच्चों को आम बच्चों की तरह बराबरी के अवसर और आत्मविश्वास देना है।

*कलेक्टर कोचर ने दी प्रशंसा, जारी होगा सराहना-पत्र*

एएसआई आनंद के समर्पण और समाज सेवा से कलेक्टर कोचर विशेष रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि—

एएसआई आनंद कुमार को प्रशासन की ओर से प्रशंसा पत्र जारी किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों की बहुत आवश्यकता है जो अपनी ड्यूटी के साथ-साथ मानव सेवा और बच्चों के भविष्य के लिए आगे आते हैं। उनका कहना था—

अच्छा कार्य करने वालों को सराहा जाना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और अन्य लोग भी प्रेरित हों।

*मुठभेड़ में गोली लगने के बाद भी सेवा का जज्बा कायम*

आपको बता दे कि कुछ माह पूर्व एक मुठभेड़ के दौरान एएसआई आनंद कुमार को गोली लगी थी, बावजूद इसके उन्होंने अपने मनोबल और कर्तव्य भावना को कमजोर नहीं होने दिया।

शहर के लोग भी कहते हैं कि पुलिस के बारे में अक्सर आलोचना सुनने को मिलती है, लेकिन एएसआई आनंद जैसे अधिकारी इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस विभाग में ऐसे कई लोग हैं जो निःस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य कर रहे हैं।

*गांव और प्रशासन दोनों के लिए उदाहरण बने आनंद कुमार*

एएसआई आनंद का कार्य न केवल बच्चों के जीवन में बदलाव ला रहा है बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि भी स्थापित कर रहा है। कलेक्टर कोचर ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी जिले का गौरव हैं और उनके प्रयासों की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है।

*ऐसे जांबाज अधिकारियों को एमपी अपडेट न्यूज़ सलाम करता है*

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