—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
विदिशा की पावन भूमि बंटी नगर में भव्य नव दिवसीय श्री राम कथा का शुभारंभ
कथा व्यास राघव प्रिया सृष्टि भट्ट के दिव्य वचनों से गुंजायमान हुआ संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर
विदिशा। बंटी नगर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर प्रांगण में आरंभ हुई नव दिवसीय श्री राम कथा का वातावरण पहले ही दिन अत्यंत भक्ति एवं आस्था से सराबोर हो उठा। कथा व्यास राघव प्रिया सृष्टि भट्ट के मुखारविंद से राम कथा के दिव्य प्रसंग जब भक्तों के कानों तक पहुंचे तो हर ओर आध्यात्मिक अनुभूति का प्रवाह बहने लगा।
कलश यात्रा—भक्ति, आस्था और दिव्य रथों की अद्भुत छटा
कलश यात्रा का प्रारंभ प्रातःकाल पीतल मिल चौराहा स्थित माता मंदिर से हुआ। सैकड़ों महिलाओं ने कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति की शोभायात्रा को भव्यता प्रदान की। जय-जयकारों, शंखनाद और ढोल-नगाड़ों की ध्वनि ने पूरे मार्ग को पवित्रता से भर दिया।
भक्ति का सबसे आकर्षक दृश्य वह था जब कलश यात्रा में शामिल पहले रथ पर भगवान श्रीराम और हनुमान जी का दिव्य स्वरूप स्थापित किया गया था। रथ को भव्य तरीके से सजाया गया था—फूलों, केसरिया ध्वज और कलात्मक आभूषणों से सुसज्जित यह रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गया।
रथ पर विराजित श्रीराम–हनुमान का दिव्य स्वरूप इतना मनोहारी, जीवंत और सौम्य था कि श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव हुआ मानो स्वयं भगवान राम और उनके प्रिय भक्त हनुमान विदिशा की इस धरती पर अवतरित हो गए हों।
लोगों ने मार्ग भर पुष्पवृष्टि कर इस रथ का स्वागत किया। बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग हर कोई इस दिव्य झांकी को निहारता रह गया।
दूसरे रथ पर विराजमान थीं कथा व्यास श्री राघव प्रिया सृष्टि भट्ट
कलश यात्रा का दूसरा मुख्य आकर्षण वह रथ था जिस पर स्वयं कथा व्यास पंडित राघव प्रिया सृष्टि भट्ट विराजित थीं। साध्वी जी अपने शांत, सौम्य और तेजस्वी व्यक्तित्व के साथ भक्तों का अभिवादन करती हुई चल रही थीं। उनके दर्शन मात्र से भक्तों में आध्यात्मिक उत्साह का संचार हो रहा था।
पूरी यात्रा के दौरान भक्त उनके रथ की एक झलक पाने को उत्सुक दिखाई दिए।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कथा स्थल पर पहुँचने के बाद दीप प्रज्वलन कर कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति आयोजन की शोभा बढ़ाती रही—
विदिशा विधायक मुकेश टंडन
मुख्य यजमान आलोक गोस्वामी
कथा संयोजक एवं संरक्षक — संकट मोचन हनुमान मंदिर परिवार
मंदिर परिवार के प्रमुख सदस्य —
पूर्व सरपंच धर्मराज भट्ट, राजीव भट्ट, सतीश भट्ट, संस्कार भट्ट, प्रदीप भट्ट, मुकेश भट्ट, पंकज भट्ट और पलक भट्ट — ने आयोजन की सफलता हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अतिथियों ने कहा कि ऐसी कथाएँ समाज को जोड़ने व भारतीय संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं
कथा के प्रथम दिवस में उमड़ी अपार भीड़
कथा के पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु सुबह से ही पंडाल में जुटने लगे थे। कथा व्यास राघव प्रिया सृष्टि भट्ट ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और धर्म पर आधारित जीवन मूल्यों को बड़े ही सरल, भावनापूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कथा स्थल पर एक समय ऐसा आया जब पंडाल पूरी तरह भर गया और अतिरिक्त बैठने की व्यवस्था करनी पड़ी।
आने वाले दिनों में भी रहेगा भक्ति और उत्साह का प्रवाह
कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर होगी और अंतिम दिवस पर भव्य हवन, पूजन और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए आने वाले दिनों में और भी अधिक भक्तों के जुड़ने की संभावना है।
*एमपी अपडेट न्यूज़ कथा व्यास को यहीं से प्रणाम करता है और विदिशा की धारा को भी नमन करता है*













































