—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
****जिनेश जैन की रिपोर्ट****
**डीपीसी की सक्रियता और मेहनत लाई रंग**
*जिले के सभी आवासीय विद्यालयों में दिखा उल्लेखनीय सुधार**


दमोह जिले के आवासीय विद्यालयों में लंबे समय से अपेक्षित सुधार अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। इस परिवर्तन का श्रेय जिला परियोजना समन्वयक (DPC) एम. के. द्विवेदी की सक्रियता, निरंतर निरीक्षण और अनुशासनात्मक व्यवस्था को दिया जा रहा है।
उनके नेतृत्व में जिले के सभी आवासीय विद्यालयों में व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, अनुशासन, भोजन प्रबंधन और छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय टौरी—सुधार का उत्कृष्ट उदाहरण
इन सुधारों का सबसे प्रेरक उदाहरण कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, टौरी माना जा रहा है। यहाँ की वार्डन सुश्री यशवंती मोहवे छात्राओं को अपनी बेटियों की तरह मानते हुए 24 घंटे मुख्यालय पर रहकर निरंतर मार्गदर्शन और देखभाल में जुटी रहती हैं।
उनकी मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप छात्राओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रतिभा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
*उज्जैन में दमोह का नाम रोशन — कालिदास समारोह में द्वितीय स्थान*
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली कस्तूरबा विद्यालय टौरी की बालिकाओं ने महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित कालिदास समारोह में नृत्य-नाटक श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
यह प्रदर्शन न केवल विद्यालय की उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है, बल्कि सुश्री मोहवे की मातृवत देखभाल और अनुशासन का भी परिणाम माना जा रहा है।
*वार्डन सुश्री यशवंती मोहवे का संदेश*
दमोह डीपीसी ने कहा जिले की सभी वार्डनों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मैं सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूँ।
***चाहे लाख कोई करे बुराई या कोई खड़ा करे तूफ़ान, हम बच्चों के प्रति समर्पित हैं—इससे बड़ा नहीं मेरा कोई अभियान।*** — सुश्री यशवंती मोहवे, वार्डन, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, टौरी, जिला दमोह
*सूत्रों के अनुसार: छात्रावास पदों को लेकर विवाद, जांच की मांग*
सूत्रों के अनुसार, जिले के कुछ छात्रावास पदों को लेकर पूर्व में कई बार कथित रूप से साजिशें रचे जाने और अनुचित दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आए थे।
बताया जाता है कि इन घटनाओं में कुछ स्थानीय राजनीतिक व्यक्तियों, जिनमें एक ग्राम सरपंच का नाम भी चर्चा में रहा है, की भूमिका की भी बात उठाई गई थी।
हालाँकि, ये सभी आरोप विवेचनााधीन हैं और किसी भी स्तर पर अभी तक आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं।
एमपी अपडेट न्यूज़ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि—
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए,
सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाए,
और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाए, तो संबंधित व्यक्तियों पर उचित कार्यवाही की जाए।
**“हमारे बच्चे ही हमारा परिवार हैं”—वार्डन मोहवे**
सुश्री मोहवे ने कहा— “**मेरी शादी नहीं हुई है, न ही मेरे अपने बच्चे हैं।
लेकिन छात्रावास में रहने वाली सभी बालिकाएँ ही मेरा परिवार हैं। छात्रावास अधीक्षक के पद पर रहते हुए भी मैंने इन्हें अपने बच्चों की तरह ही माना है।
हम तन-मन-धन से इन बच्चों की सेवा के लिए समर्पित हैं।
प्रत्येक जगह जहां-जहां हम रहे हैं वहां प्रत्येक छात्रावास के बच्चों से वर्तमान छात्रावास के बच्चों से उनके पैरेंट्स से आप पूछ सकते हैं हमारा कार्यकाल कैसा रहा है हम कैसा बच्चों के प्रति प्रेम रखते हैं सारी जानकारी सभी को मिल सकती है
कुछ पत्रकारों के द्वारा जो यह न्यूज़ चलाई गई है वह सरासर गलत है इसलिए दबाव आवेश में आकर यह आपके द्वारा न्यूज़ बनाई गई है चलाई गई है यह गलत है

















































