—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
बांदकपुर में आस्था के सैलाब के साथ नववर्ष 2026 का आगाज, उमड़े हजारों श्रद्धालु
दमोह। नववर्ष 2026 के आगमन पर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ श्री जागेश्वर नाथ धाम, बांदकपुर में आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। नए साल के पहले दिन भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि मंदिर परिसर से लेकर सड़कें तक शिवभक्तों से पट गईं।
बांदकपुर धाम में गूंजे भोलेनाथ के जयकारे शुक्रवार सुबह कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों का उत्साह चरम पर था।
मंदिर के पट खुलते ही सुबह करीब 5:00 बजे से ही जलाभिषेक का दौर शुरू हो गया। दमोह जिले सहित आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान जागेश्वर नाथ के दर्शन किए।
मंदिर ट्रस्ट के पंडित रामकृपाल पाठक ने बताया कि दोपहर तक ही 40 हजार से अधिक श्रद्धालु माथा टेक चुके थे और शाम तक यह संख्या और बढ़ने का अनुमान है।
**सुरक्षा के कड़े इंतजाम चप्पे-चप्पे पर पुलिस**
भीड़ के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पहले से ही हाई अलर्ट पर था। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर एवं पुलिस अधीक्षक सोमवंशी के निर्देशन में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई।
एसडीएम आर.एल. बागरी और पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में जगह-जगह सुरक्षा पॉइंट बनाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा, प्रधान आरक्षक बालमुकुंद और भूपेंद्र सहित भारी पुलिस बल के साथ मंदिर ट्रस्ट के स्वयंसेवक भी व्यवस्थाएं संभालने में जुटे रहे।
प्रशासनिक व स्वास्थ्य अमला रहा मुस्तैद राजस्व और पंचायत विभाग की टीम ने भी व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तहसीलदार प्रीतम सिंह और आरआई लक्ष्मण मिश्रा सहित अन्य कर्मचारी भीड़ को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सक्रिय रहे।
आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से अलर्ट मोड पर रखा गया था, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा होने पर तत्काल उपचार मिल सके।
अटूट आस्था का केंद्र नववर्ष के पहले दिन उमड़ी यह रिकॉर्ड भीड़ जागेश्वर नाथ धाम के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और इस क्षेत्र की बढ़ती लोकप्रियता का स्पष्ट प्रमाण है।
प्रशासन द्वारा यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए किए गए विशेष प्रबंधों के कारण इतनी बड़ी संख्या के बावजूद दर्शन का सिलसिला शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।


















































