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*बरगी डैम क्रूज हादसा दर्द, लापरवाही और राहत—सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे जबलपुर जांच के आदेश*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*बरगी डैम क्रूज हादसा दर्द, लापरवाही और राहत—सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे जबलपुर जांच के आदेश*

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हादसे के बाद जहां एक ओर राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर शासन-प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय नजर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं जबलपुर पहुंचे, पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरगी डैम में तेज आंधी-तूफान के अलर्ट के बावजूद क्रूज को पानी में उतारा गया। क्रूज में 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे, लेकिन उसमें करीब 40 लोग सवार बताए जा रहे हैं। जैसे ही क्रूज डैम के बीच पहुंचा, मौसम अचानक बिगड़ गया और तेज हवाओं के चलते क्रूज असंतुलित होकर डूबने लगा।

सबसे गंभीर लापरवाही यह सामने आई कि अधिकांश यात्रियों ने पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी। हादसे के वक्त जल्दबाजी में जैकेट पहनने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी।

अब तक की स्थिति 28–29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
9 लोगों की मौत की पुष्टि कुछ लोग अब भी लापता, तलाश जारी
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के गोताखोरों द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू टीम ने साहस दिखाते हुए क्रूज को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला, जिससे कई जिंदगियां बचाई जा सकीं।

हादसे के बाद सामने आई एक तस्वीर ने सभी को भावुक कर दिया।

महिला अपने मासूम बच्चे को सीने से लगाए हुए मृत अवस्था में मिलीं। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

अंतिम क्षणों में भी मां ने अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा—यह ममता और त्याग की अमिट मिसाल बन गया आखिर मां तो मां होती है मां के लिए लिखे शब्द कम पड़ जाएंगे
मां ही ममता मां ही पूजा मां से बढ़कर जग में ना कोई दूजा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए:

उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख आर्थिक सहायता
जान बचाने वाले श्रमिकों को ₹51,000 प्रोत्साहन राशि
रेस्क्यू टीम को 15 अगस्त पर सम्मानित करने की घोषणा

उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री जबलपुर पहुंचकर मृतकों के घर भी गए, जहां उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में पूरी तरह परिवारों के साथ खड़ी है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख हैं— लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी सांसद आशीष दुबे
विधायक नीरज सिंह लोधी, अशोक रोहाणी, संतोष बरकड़े
महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
एसीएस संजय दुबे संभागायुक्त धनंजय सिंह डीआईजी अतुल सिंह
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय
जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत सहित अन्य अधिकारी

सभी ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

❓ उठ रहे बड़े सवाल

क्या मौसम अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन करना गंभीर लापरवाही नहीं?

क्षमता से अधिक यात्रियों को क्यों बैठाया गया?

सुरक्षा नियमों (लाइफ जैकेट) का पालन क्यों नहीं हुआ?

इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।

बरगी डैम का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई संभावित लापरवाहियों का परिणाम प्रतीत होता है। जहां एक ओर रेस्क्यू टीम की बहादुरी ने कई जिंदगियां बचाईं, वहीं दूसरी ओर मां की ममता की वह तस्वीर हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

एमपी अपडेट न्यूज़ टीम मृत आत्माओं को प्रभु अपना श्री चरणों में स्थान दे और इस दुखद की घड़ी में परिवार को संभल प्रदान करें

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