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*₹30 हजार का इनामी संजीव लेंबार्ड गिरफ्तार*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*दमोह मिशन अस्पताल कांड पुलिस की बड़ी कार्रवाई*

*₹30 हजार का इनामी संजीव लेंबार्ड गिरफ्तार*

*मिशन अस्पताल का प्रबंधक रहा संजीव लैंबर्ड*

*चर्चित मिशन अस्पताल के हो सकते हैं कई और खुलासे*

दमोह। मध्य प्रदेश के चर्चित दमोह मिशन अस्पताल मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है।

फर्जी डॉक्टर और अवैध कैथ लैब के संचालन के कारण 7 मरीजों की मौत के मामले में फरार चल रहे आरोपी संजीव लेंबार्ड ने आखिरकार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

पुलिस के दबाव में किया आत्मसमर्पण

जानकारी के अनुसार, मामले में दर्ज दूसरी एफआईआर (FIR) के बाद से ही संजीव लेंबार्ड फरार चल रहा था।

पुलिस ने उस पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी।

पुलिस के बढ़ते दबाव और कानूनी शिकंजे के चलते आरोपी ने गुरुवार को नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) कार्यालय पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दे दी।

सुप्रीम कोर्ट से लगा था झटका

संजीव लेंबार्ड ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की थी। हालांकि, उच्चतम न्यायालय की खंडपीठ ने बीते 15 जनवरी को उसकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था और उसे पुलिस के समक्ष समर्पण करने के कड़े निर्देश दिए थे।

कोर्ट के आदेश और पुलिस की सक्रियता के बाद आरोपी के पास सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

5 दिन की पुलिस रिमांड पर आरोपी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने संजीव लेंबार्ड को जिला न्यायालय में सीजेएम (CJM) स्नेहा सिंह की अदालत में पेश किया। पुलिस ने मामले की गहराई से पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी की रिमांड मांगी, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

अब पुलिस इस अवधि में फर्जीवाड़े के नेटवर्क और अन्य आरोपियों के ठिकानों के बारे में पूछताछ करेगी।

कानूनी कार्रवाई और अब तक की गिरफ्तारियां

मिशन अस्पताल मामले में कोतवाली पुलिस ने अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 304 (ई) और मध्य प्रदेश उपचार अधिनियम की धारा 12 के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपी अब तक डॉ. एन. जॉन केम, राजीव लेंबार्ड, फ्रैंक हैरिसन और अब संजीव लेंबार्ड पुलिस की गिरफ्त में हैं।

जमानत मामले की एक आरोपी आशिमा न्यूटन को न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

फरार आरोपी पुलिस के लिए अब शेष आरोपियों को पकड़ना एक चुनौती बना हुआ है।

आशंका जताई जा रही है कि इनमें से दो आरोपी देश छोड़कर बाहर भाग चुके हैं।

दमोह पुलिस प्रशासन का कहना है कि फर्जीवाड़े के इस खेल में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

रिमांड के दौरान संजीव लेंबार्ड से होने वाली पूछताछ में कई नए और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

*तथा कथित पत्रकारों की भी संयुक्ति भूमिका जो वर्षों से जुड़े हुए हैं अब उनका भी हो सकता है खुलासा*

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