—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*मिशन अस्पताल प्रकरण में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी व संपत्ति विक्रय पर रोक लगाने की मांग*
*मामले के कई आरोपी लंबे समय से फरार हैं, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं*
*संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि फरार आरोपियों की दमोह जिले में स्थित संपत्तियों को बेचने की कोशिशें की जा रही*


दमोह। विश्व हिंदू परिषद महाकौशल प्रांत, जिला दमोह द्वारा पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर मिशन अस्पताल प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा उनकी संपत्तियों के विक्रय पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि इस मामले के कई आरोपी लंबे समय से फरार हैं, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे आमजन में असंतोष और प्रशासन के प्रति अविश्वास की स्थिति बन रही है।
विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष अजय दुबे, जिला मंत्री शरद विश्वकर्मा, विभाग मंत्री नरेंद्र जैन तथा जिला संयोजक गोलू चौबे द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि दमोह के चर्चित मिशन अस्पताल प्रकरण में आरोपी अजय लाल, इंदु लाल, जीवन मैसी एवं रोशन प्रसाद फरार बताए जा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस द्वारा इनकी गिरफ्तारी के लिए अपेक्षित और प्रभावी प्रयास होते नहीं दिख रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि मामले के दो आरोपी अजय लाल और इंदु लाल के विदेश में होने की जानकारी भी सामने आ रही है, लेकिन उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया तेज नहीं की गई है। संगठन के अनुसार यदि आरोपी विदेश में हैं तो उन्हें भारत वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए। वहीं जीवन मैसी और रोशन प्रसाद, जो भारत में होने की बात कही जा रही है, उनकी भी तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि फरार आरोपियों की दमोह जिले में स्थित संपत्तियों को बेचने की कोशिशें की जा रही हैं या उनके विक्रय की तैयारियां चल रही हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो यह कानून और नियमों के विरुद्ध है। प्रशासन को चाहिए कि वह आरोपियों की संपत्तियों के विक्रय पर तत्काल रोक लगाए और आवश्यक होने पर संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई भी करे।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इससे उनके हौसले और बढ़ेंगे और आम जनता का कानून तथा प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा कमजोर होगा।
अंत में विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी और संपत्ति विक्रय पर रोक संबंधी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।












































