—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*ग्राम धनेटा मॉल में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026’ के तहत “जल शक्ति से नव भक्ति” कार्यक्रम का सफल आयोजन*

तेंदूखेड़ा से मुकेश जैन की रिपोर्ट
दमोह/तेंदुखेड़ा/झलौन मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 – जल शक्ति से नव भक्ति” के अंतर्गत ग्राम धनेटा मॉल में आज एक प्रेरणादायक एवं जनजागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान 19 मार्च से 27 मार्च 2026 (वर्ष प्रतिपदा से रामनवमी) तक प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में मोहित पटेल एजुकेशन सोसाइटी, धनेटा मॉल द्वारा मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में ग्राम स्थित शिव मंदिर कुटी नदी तट पर व्यापक साफ-सफाई एवं जल संरक्षण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान नदी किनारे की स्वच्छता की गई तथा जल पूजन, दीप प्रज्वलन और वृक्ष पूजन जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रकृति के प्रति श्रद्धा और जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जल और वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया गया कि “जल है तो कल है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि मानव जीवन की आधारशिला है। जल के बिना जीवन की कल्पना असंभव है, वहीं वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वर्षा को आकर्षित करने, भूजल स्तर को सुरक्षित रखने और शुद्ध वायु प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए जल संरक्षण के साथ-साथ वृक्षारोपण और वृक्षों की रक्षा करना भी आवश्यक है।
यह आयोजन म.प्र. जन अभियान परिषद तेंदूखेड़ा के ब्लॉक समन्वयक दीपचंद मालवीय के मार्गदर्शन एवं परामर्शदाता दीपेश कटारे के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति धनेटा मॉल के अध्यक्ष मुकेश पटेल, सचिव रामबाबू पटेल सहित समिति के सदस्य एवं अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभियान में नवांकुर संस्था के अध्यक्ष मोहित पटेल के नेतृत्व में धर्मेंद्र लोधी, परसराम पटेल, सीताराम यादव, मनोज यादव, नरेंद्र यादव, हलीम खान, सचिन विश्वकर्मा, भगवान सिंह यादव, बाबू यादव, नीरज, हर्ष, रमन, सोनू पटेल, नंदू पटेल, डेलन ठाकुर, जमना ठाकुर, अनारी बाबा, हल्लू मरावी सहित CMCLDP के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सराहनीय योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने संकल्प लिया कि वे जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करेंगे तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित और समृद्ध बनाएंगे।















































