—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*जनता के दिलों में अमिट छाप छोड़ गए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर*
*सेवा संवेदनशीलता और समर्पण की मिसाल बने जिला कलेक्टर*
दमोह जिले वासियों के लिए कहीं खुशी तो कहीं गम
*जिले भर में आपके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की हो रही प्रशंसा*
दमोह। जिले में विकास और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने अपने कार्यकाल में जो कार्य किए, वे लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहेंगे। उनकी कार्यशैली केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसमें सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनशीलता का अद्भुत समावेश देखने को मिला।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ग्रामीण अंचलों में लगातार भ्रमण कर आमजन की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझा। जन चौपालों के माध्यम से लोगों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की। जनसुनवाई को उन्होंने एक सशक्त मंच बनाते हुए प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया और मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया।
स्वच्छता अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कई अवसरों पर वे स्वयं छात्र-छात्राओं एवं अधिकारियों के साथ सफाई अभियान में शामिल हुए और अपने हाथों से कचरा उठाकर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। इससे आमजन में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव विकसित हुआ।
सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी उन्होंने विशेष प्राथमिकता दी। जर्जर सड़कों के सुधार, पेयजल समस्याओं के निराकरण और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहे। वे नियमित रूप से स्कूलों और कॉलेजों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद करते, उनका मनोबल बढ़ाते और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
जिला चिकित्सालय में भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने निर्माण कार्यों को गति प्रदान की। मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना और तत्काल समाधान कराना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा।
प्रशासनिक स्तर पर उनकी सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही के कारण कार्यों में तेजी आई। वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहते हुए योजनाओं की जमीनी हकीकत पर नजर बनाए रखते थे, जिससे शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सका।
दमोह की जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की बनी, जो सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन बखूबी निभाना जानता है। यही कारण है कि वे लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान बना पाए।
अब उन्हें उप सचिव, मुख्यमंत्री एवं कार्यपालन संचालक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को), भोपाल का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर जिलेवासियों ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।
निस्संदेह, सुधीर कुमार कोचर केवल एक प्रशासक नहीं, बल्कि समाज के सच्चे सेवक और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में याद किए जाएंगे, जिनकी कार्यशैली आने वाले समय में भी एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत होती रहेगी।










































