—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*किशोरी मृत्यु प्रकरण में अवैध क्लीनिक सील, जांच उपरांत कार्रवाई*
दमोह जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने थाना पटेरा अंतर्गत ग्राम महेवा निवासी 17 वर्षीय किशोरी की मृत्यु के मामले में संज्ञान लेते हुए संयुक्त कार्रवाई की। शिकायत के आधार पर संबंधित निजी चिकित्सीय संस्थान जीवन-ज्योति अस्पताल का मेडिकल टीम एवं थाना पटेरा पुलिस द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया।
मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार किशोरी को 21 मई की रात लगभग 1 बजे सीएचसी पटेरा लाया गया था, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद थाना पटेरा को सूचना दी गई तथा पुलिस प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतिका के परिजनों ने शिकायत में बताया कि उसका उपचार डॉ. लीलाधर चौधरी द्वारा किया गया था। शिकायत के आधार पर संबंधित संस्थान की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान प्रस्तुत शैक्षणिक योग्यता बी.ई.एम.एस. (बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी) पाई गई, जो मध्यप्रदेश के चिकित्सा व्यवसाय संबंधी नियमों के तहत एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति में उपचार के लिए मान्य नहीं है। साथ ही संबंधित चिकित्सक का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में किसी प्रकार का वैध पंजीयन भी उपलब्ध नहीं मिला।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि संस्थान में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं एवं प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं थे, जिससे जैव चिकित्सीय अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण की आशंका जताई गई।
समस्त दस्तावेज एवं व्यवस्थाएं नियमानुसार न पाए जाने पर मेडिकल टीम ने संबंधित क्लीनिक को नियमानुसार सील कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि उपचार के लिए केवल विधिवत पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें।











































