—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*डेढ़ करोड़ रुपए के लेनदेन के आरोपों से गरमाई सियासत कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने बताया षड्यंत्र*
*पत्रकार अगर खबर लगाएंगे तो क्या इनकी भी FIR झूठी करवाएंगे गजब*

दमोह। जिले की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब एक ओर गंभीर हालत में भोपाल एम्स में भर्ती राजकुमार दुबे द्वारा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए के लेनदेन का आरोप लगाया गया, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और षड्यंत्र करार दिया है। मामले की शिकायत पुलिस थाने में भी की गई है।
बताया जा रहा है कि राजकुमार दुबे पिछले कुछ दिनों से AIIMS Bhopal में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसी बीच उनकी पत्नी साधना दुबे ने अस्पताल से वीडियो जारी कर अपने पति की वर्तमान स्थिति के लिए कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल को जिम्मेदार ठहराया है।
क्या है पूरा मामला
राजकुमार दुबे ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल द्वारा उनके करीब 1 करोड़ 43 लाख रुपए वापस नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण वे लंबे समय से मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उपचार के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित अनुबंध पत्र में दावा किया गया है कि वर्ष 2002 से 2008 के बीच मानक पटेल ने 12 लाख रुपए एक प्रतिशत ब्याज पर उधार लिए थे, जिसकी ब्याज सहित राशि लगभग 22 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा खजुराहो चुनाव के दौरान 20 लाख रुपए लेने तथा उसमें से केवल 5 लाख लौटाने का भी उल्लेख है।
अनुबंध में यह भी आरोप लगाया गया है कि पीएमएसजेवाय योजना के अंतर्गत पिपरिया छक्का, तेंदूखेड़ा तथा सैलवाड़ा-बैलवाड़ा सड़क निर्माण कार्य हेतु 45 लाख रुपए अमानत राशि के रूप में लिए गए। वहीं वर्ष 2014 में एक जेसीबी मशीन 80 हजार रुपए प्रतिमाह किराए पर लेने का उल्लेख करते हुए करीब 48 लाख 40 हजार रुपए किराया बकाया बताया गया है। अलग-अलग लेनदेन और ब्याज को जोड़कर कुल राशि लगभग 1 करोड़ 43 लाख रुपए बताई गई है।
पत्नी ने वीडियो जारी कर लगाए गंभीर आरोप
एम्स भोपाल से जारी वीडियो में साधना दुबे ने कहा कि उनके पति मानसिक तनाव के कारण बीमार हुए हैं और यदि उन्हें कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी मानक पटेल की होगी। उन्होंने वीडियो में यह भी कहा कि आगे और बड़े खुलासे किए जाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोपों को बताया फर्जी
सोशल मीडिया पर वीडियो और कथित अनुबंध वायरल होने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मानक पटेल ने सभी आरोपों को असत्य बताते हुए कहा कि यह उनके खिलाफ रचा गया षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि वायरल किया गया अनुबंध पत्र “कूट रचित” है और कथित मानव अधिकार ट्रस्ट के दस्तावेजों में भी किसी प्रकार का वैध पंजीयन नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिस जेसीबी मशीन का उल्लेख वर्ष 2014 के अनुबंध में किया गया है, उसकी शिकायत संबंधी दस्तावेज में वर्ष 2016 दर्ज है, जिससे पूरे दस्तावेज की सत्यता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इतना बड़ा लेनदेन था तो वर्ष 2013 से 2026 तक उन्हें कभी कोई कानूनी नोटिस क्यों नहीं दिया गया।
मानक पटेल ने आरोप लगाया कि इस मामले में कुछ लोग और कुछ पत्रकार मिलकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया गया है तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












































