—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पथरिया में प्रथम बार आयोजित हुआ श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर भव्य उद्घाटन समारोह में उमड़ा समाज*
पथरिया। श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के तत्वावधान में रहली क्षेत्र अंतर्गत पथरिया नगर में पहली बार आयोजित किए जा रहे सात दिवसीय “श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर” का शुभारंभ शनिवार 31 मई को श्री 108 आदिनाथ दिगंबर जैन चौबीसी गंधकुटी जिनालय में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिला मंडल एवं युवाओं की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांगानेर से पधारे विद्वान सम्यक जैन शास्त्री नौगामा, स्थानीय विद्वान अरिहंत जैन शास्त्री ‘मीत’ पथरिया एवं शुभ जैन शास्त्री सागर के सान्निध्य में हुआ। इस अवसर पर धर्मसभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें जैन धर्म में संस्कारों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
अपने उद्बोधन में सम्यक जैन शास्त्री नौगामा ने कहा कि जैन धर्म में संस्कार केवल परंपराओं का निर्वहन नहीं हैं, बल्कि आत्मा के परिष्कार और जीवन निर्माण का आधार हैं। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था कच्ची मिट्टी के समान होती है, जिसे जिस रूप में ढाला जाए, वह उसी स्वरूप में विकसित होती है। यदि बच्चों को प्रारंभ से ही अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे मूल्यों का संस्कार दिया जाए तो उनके व्यक्तित्व में संयम, करुणा और सदाचार का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि नैतिक एवं धार्मिक शिक्षा की भी आवश्यकता है। परिवार और गुरुजनों के आदर्श आचरण से ही बच्चों में स्वाध्याय, धर्मचिंतन, संतों के प्रति श्रद्धा और “जियो और जीने दो” की भावना विकसित होती है। ऐसे संस्कार शिविर नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम में मंदिर समिति अध्यक्ष राजेश बांझल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पथरिया नगर में पहली बार इस प्रकार का संस्कार शिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों, युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों को जैन संस्कृति, आचार-विचार एवं आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराना है।
इस अवसर पर कुंडलपुर कमेटी के उपाध्यक्ष रमेश गोयल, मंदिर समिति उपाध्यक्ष राजकुमार गोयल, महामंत्री मोती दवग्गर, अभय जैन खोवा, सतीश गोयल, ऋषभ जैन, गौरव जैन सहित महिला मंडल समिति की पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहीं। सभी ने शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
आयोजकों के अनुसार यह शिविर 31 मई से 7 जून तक आयोजित किया जाएगा। शिविर में बच्चों, युवाओं एवं श्रावक-श्राविकाओं के लिए धर्म, संस्कार, स्वाध्याय, जैन सिद्धांत, व्यवहारिक जीवन मूल्यों तथा आध्यात्मिक विकास से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित होंगे। शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों को जैन संस्कृति की मूल भावना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन मंगलाचरण एवं धर्म लाभ के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह की सफलता पर समाज के वरिष्ठजनों ने आयोजकों को बधाई देते हुए इसे पथरिया क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहल बताया।















































