—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर कलेक्टर सख्त नियमित जांच और अधिक नमूने लेने के निर्देश*
दमोह, 15 जून 2026। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने की। इस दौरान समिति के अधिकारियों एवं नामांकित सदस्यों की उपस्थिति में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर एजेंडा प्रस्तुत किया गया।
बैठक में कलेक्टर श्री यादव ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विक्रय की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए तथा अधिक से अधिक खाद्य नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा प्रशासन को नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देशित किया कि उनके निर्देशन में प्रत्येक अनुविभाग में साप्ताहिक स्तर पर खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए जाएं तथा खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि अमानक एवं मिलावटी खाद्य सामग्री के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से जिले में किए गए निरीक्षण, नमूना संग्रहण, परीक्षण तथा प्रवर्तन संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से लोगों के स्वास्थ्य का सीधा संबंध है, इसलिए खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, गुणवत्ता और मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी दिनों में खाद्य सुरक्षा संबंधी जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस पहल से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।












































