—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पिपरौधा में ससुर की कुल्हाड़ी मारकर हत्या, पत्नी को मायके से विदा न करने पर हुआ था विवाद*
*बटियागढ़ पुलिस ने फरार आरोपी को छतरपुर जिले के बक्सवाहा बस स्टैंड से किया गिरफ्तार, बीच-बचाव करने वाली महिला पर भी किया था जानलेवा हमला*
दमोह। बटियागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौधा में पारिवारिक विवाद के दौरान ससुर की कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी पत्नी रश्मि को मायके से विदा न करने की बात को लेकर हुए विवाद में अपने ससुर रमेश रैकवार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। हमले में रमेश रैकवार की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची गंगा रैकवार पर भी आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की नीयत से कुल्हाड़ी से गले पर वार किया, जिससे वह घायल हो गईं।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना बटियागढ़ में अपराध क्रमांक 255/26 दर्ज कर धारा 103(1) एवं 109 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की गई।
विशेष टीम ने लगातार की तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दमोह श्री आनंद कलादगि (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई। टीम द्वारा आरोपी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर पतारसी की गई।
पुलिस को आरोपी के छतरपुर जिले की ओर होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 15 सितंबर 2026 को ग्राम बक्सवाहा बस स्टैंड, जिला छतरपुर में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
यह है गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामप्रसाद उर्फ गोठल पिता लूले रैकवार, उम्र 41 वर्ष, निवासी ग्राम लिड़ाई बम्होरी, थाना बटियागढ़, जिला दमोह के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
थाना प्रभारी सहित पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका
फरार आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बटियागढ़ निरीक्षक रजनी शुक्ला सहित थाना बटियागढ़ एवं चौकी केरबना के समस्त पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की लगातार पतारसी और घेराबंदी के बाद आरोपी को छतरपुर जिले से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से मामले की विवेचना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।















