—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*जयंत मलैया ने दमोह के नवीन मेडिकल कॉलेज को लेकर PPP मॉडल पर पुनर्विचार कर शासकीय स्तर पर संचालन की मांग*


*मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपे पत्र में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के साथ शहर की सड़क और अधोसंरचना से जुड़े मुद्दे भी रखे*
*दमोह मेडिकल कॉलेज के संचालन पर पुनर्विचार की मांग, विधायक जयंत मलैया ने मुख्यमंत्री को सौंपा पत्र*
दमोह। दमोह विधायक जयंत मलैया ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निर्माणाधीन नवीन मेडिकल कॉलेज दमोह के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज दमोह और आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में इसे PPP मॉडल के बजाय शासकीय स्तर पर संचालित किए जाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
विधायक मलैया ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस संबंध में पत्र सौंपा है। पत्र में उन्होंने मेडिकल कॉलेज की अब तक की निर्माण एवं अधोसंरचना संबंधी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके निर्माण के लिए लगभग 355 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। भवन निर्माण सहित अन्य कार्यों पर करोड़ों रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए लगभग 25.93 करोड़ रुपये तथा अस्पताल भवन में बायोमेडिकल उपकरणों की स्थापना के लिए लगभग 20.15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के लिए लगभग 12.14 हेक्टेयर भूमि भी आवंटित की गई है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा मेडिकल कॉलेज
विधायक जयंत मलैया ने कहा कि इतनी बड़ी राशि से तैयार हो रहा मेडिकल कॉलेज केवल एक भवन नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में दमोह जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
उन्होंने कहा कि दमोह की बड़ी आबादी कृषि और सीमित आय के साधनों पर निर्भर है। ऐसे में शासकीय मेडिकल कॉलेज के माध्यम से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
मलैया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मेडिकल कॉलेज के संचालन संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इसे शासकीय स्तर पर संचालित किए जाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
शहर की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण की मांग
मुख्यमंत्री को सौंपे गए पत्र में विधायक ने दमोह शहर के विकास से जुड़े दो अन्य प्रमुख मुद्दे भी उठाए। उन्होंने शहर की प्रमुख सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सुभाष कॉलोनी से जबलपुर नाका चौकी तक तथा सीताबावड़ी से हटा नाका तक के मार्गों के चौड़ीकरण की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन मार्गों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण से आवागमन को बेहतर बनाने तथा भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शहर की अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
नवीन गीता भवन के निर्माण की भी मांग
विधायक जयंत मलैया ने दमोह में नवीन गीता भवन (ऑडिटोरियम) के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण से शहर में सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ का उल्लेख
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक मलैया ने कृषि एवं सिंचाई क्षेत्र से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सतधरू, सीतानगर, पंचमनगर, साझली और जुड़ी सहित विभिन्न सिंचाई एवं स्टॉपडैम परियोजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक समृद्धि का सीधा प्रभाव स्थानीय बाजार और जिले की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना को प्राथमिकता देने पर जोर
विधायक मलैया ने कहा कि दमोह के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उनके अनुसार, मेडिकल कॉलेज आने वाले समय में दमोह के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास का भी महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि दमोह मेडिकल कॉलेज को शासकीय स्तर पर संचालित करने, प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण तथा नवीन गीता भवन के निर्माण की दिशा में आवश्यक निर्णय लेकर कार्रवाई की जाए।
















