—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पितृपक्ष में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक होगा संगीतमय ज्ञान यज्ञ*
दमोह। पितृपक्ष के पावन अवसर पर दमोह नगर में आध्यात्मिक एवं धार्मिक वातावरण को और अधिक भक्तिमय बनाने के उद्देश्य से श्री शिव साईं धाम, बेलाताल टापू, दमोह में संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजन की शुरुआत 30 सितंबर 2026 से होगी, जो 6 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। कथा का वाचन प्रसिद्ध रसिक कथा व्यास पंडित श्री कमलेश्वरानंद जी महाराज द्वारा किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार कथा का आयोजन समस्त पितृ तर्पण कर्ता नगरवासी दमोह के सहयोग से किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से हरि इच्छा तक चलेगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म, संस्कार और जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का श्रवण करने का अवसर मिलेगा।
पितरों के निमित्त धार्मिक आयोजन
पितृपक्ष को सनातन परंपरा में पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और श्रद्धा का विशेष काल माना जाता है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान के साथ अपने पितरों का स्मरण करते हुए पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
7 अक्टूबर को हवन-पूजन एवं भंडारा
सप्ताहभर चलने वाली कथा के समापन के पश्चात 7 अक्टूबर 2026 को हवन-पूजन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन का लाभ लेने की अपील की गई है।
यजमान बनने के लिए संपर्क की अपील
आयोजन समिति की ओर से श्रीमद्भागवत कथा में यजमान बनने के इच्छुक श्रद्धालुओं से संपर्क करने की अपील की गई है। पोस्टर में संपर्क के लिए 8319809383 नंबर जारी किया गया है।
धार्मिक आयोजन के लिए सराहनीय पहल
पितृपक्ष जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर दमोह में इतने व्यापक स्तर पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन निश्चित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से सराहनीय पहल है। पंडित श्री कमलेश्वरानंद जी महाराज के मुखारविंद से होने वाले संगीतमय कथा प्रवचन से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश प्राप्त होगा।
विशेष रूप से श्री शिव साईं धाम, बेलाताल टापू जैसे धार्मिक स्थल पर इस आयोजन से पितृपक्ष के दौरान नगर में भक्तिमय वातावरण निर्मित होने की उम्मीद है। आयोजनकर्ताओं की यह पहल सनातन परंपराओं, धार्मिक संस्कारों और सामाजिक सहभागिता को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रशंसनीय प्रयास है।
















