दमोह जिला अस्पताल में पार्किंग सेवा ठप: मरीज़ परेशान, प्रशासन पर सवाल
दमोह जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए शुरू की जाने वाली वाहन पार्किंग सेवा प्रशासनिक उलझनों के कारण अटक गई है, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। निविदा प्रक्रिया के बावजूद, चुनी गई संस्था ने कार्यभार लेने से इनकार कर दिया है, जिससे अस्पताल प्रशासन की
कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सिविल सर्जन कार्यालय ने वाहन स्टैंड संचालन के लिए निविदा जारी की थी, जिसमें नंदनी महिला मंडल, ग्राम धुनगी चिलौद, जिला दमोह का एकमात्र आवेदन प्राप्त हुआ था। टेंडर कमेटी ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए महिला मंडल को कार्य आदेश भी जारी कर दिया। हालांकि, प्रक्रिया के तहत महिला मंडल को कार्य अनुबंध निष्पादित करना और अमानत राशि जमा करनी थी, जो उसने आज तक नहीं की है।
क्यों ठप हुई पार्किंग सेवा?
नंदनी महिला मंडल ने यह कहते हुए सेवा संचालन में असमर्थता व्यक्त की है कि सिविल सर्जन कार्यालय ने कार्य अनुबंध की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही कार्य आदेश जारी कर दिया, जो कि अनुचित है। इस स्थिति से अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को पार्किंग के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।
प्रशासनिक चूक या कुछ और?
इस पूरे मामले में सिविल सर्जन कार्यालय की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लग गया है। यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या नियमों का पालन किए बिना ठेका देना प्रशासनिक चूक है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है। फिलहाल, जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है, और मरीज व उनके परिजन पार्किंग की समस्या से जूझ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गतिरोध को कब तक सुलझा पाता है और अस्पताल में वाहन पार्किंग सेवा कब से शुरू हो पाती है।












































