सेवाभाव में समर्पित रहा मोक्ष सप्तमी का पर्व
जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा दमोह ने बाढ़ पीड़ितों के लिए उठाया करुणा का संकल्प
दमोह जब आध्यात्मिक चेतना सामाजिक करुणा से जुड़ जाए, तब धर्म केवल आराधना नहीं रहता, वह सेवा बनकर समाज की धड़कनों में उतर आता है। मोक्ष सप्तमी का पावन अवसर इसका साक्षात उदाहरण बना, जब जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा दमोह ने भगवान 1008 पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव को आत्मकल्याण के साथ-साथ परहित की भावना से मनाते हुए एक अद्भुत सेवा यज्ञ का आयोजन किया।
श्री दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में प्रातः भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक, पूजन व महामंगल आरती श्रद्धा एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। निर्वाण लाडू अर्पित करते समय जैसे मंदिर प्रांगण में स्वयं सिद्ध क्षेत्र की पवित्रता की अनुभूति हो रही थी, और श्रद्धालुओं की नम आँखें आत्मशुद्धि और मुक्तिपथ के भावों से सराबोर थीं।
मंदिर से गाँव तक पहुँचा धर्म का स्वरूप
इस वर्ष जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा ने धर्म को केवल पूजा तक सीमित न रखते हुए उसे पीड़ित मानवता की सेवा का माध्यम बनाया। कोसंदा (तहसील तारादेही) के बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए ₹51,000/- की राहत राशि के साथ लगभग 151 खाद्य सामग्री के पैकेट – जिनमें आटा, दाल, तेल, चावल, नमक-मसाले एवं जरूरतमंदों के लिए वस्त्र शामिल थे – गांव में स्वयं जाकर वितरित किए गए।
मोक्ष की ओर पहला कदम — सेवा
इस भाव से प्रेरित होकर क्षेत्र क्रमांक 10 के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री दिलेश चौधरी ने कहा:
“भगवान पार्श्वनाथ करुणा, क्षमा और अहिंसा के प्रतीक हैं। उनका निर्वाण केवल आध्यात्मिक मुक्ति नहीं, बल्कि जीवमात्र के दुःख की अनुभूति करने की प्रेरणा भी है। नर सेवा ही नारायण सेवा — यही जैन मिलन की आत्मा है।”
मंत्री एवं कलेक्टर ने सराहा सेवा भाव
मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा
जैन समाज ने मोक्ष सप्तमी जैसे धार्मिक अवसर को सेवा का माध्यम बनाकर जो कार्य किया है, वह न केवल अनुकरणीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि धर्म का सच्चा स्वरूप मानवता की सेवा में निहित है।
जिला कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर ने कहा बाढ़ जैसी विपदा में जहां कई लोग मूकदर्शक बन जाते हैं, वहीं जैन समाज ने त्वरित पहल कर पीड़ितों तक सहायता पहुँचाई। यह समाज की सजगता और जिम्मेदारी का उदाहरण है।
गणमान्यजनों के प्रेरणादायी विचार
श्री सुधीर सिंघई (अध्यक्ष, दिगम्बर जैन पंचायत दमोह) जब श्रद्धा सेवा में रूपांतरित होती है, तब धर्म केवल वैयक्तिक साधना न रहकर समाजोपयोगी बनता है। निर्वाण दिवस को सेवा से जोड़ना धर्म की जीवंतता को दर्शाता है।”
इंजी. आर. के. जैन (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जैन मिलन) दमोह शाखा आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है — जिसने मोक्ष पर्व को मानवता की सेवा का उत्सव बना दिया। यही सच्चा जैन धर्म है।”
श्री श्याम शिवहरे (जिला अध्यक्ष, भाजपा) आपदा की घड़ी में सेवा के लिए तत्परता, संवेदनशीलता और समर्पण का ऐसा रूप बिरले ही देखने को मिलता है। जैन समाज ने धर्म को वास्तव में कर्म से जोड़ दिया है।”
प्रशासन का रहा सहयोगपूर्ण सहभाग
सेवा कार्य को प्रशासन ने भी पूरी तत्परता से समर्थन दिया। राहत सामग्री को एडीएम श्रीमती मीना मरकाम, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, तहसीलदार श्री राविन जैन, जन अभियान परिषद के श्री सुशील नामदेव, एवं सीतेश जैन द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
समर्पित सेवाभावी कार्यकर्ता बने इस यज्ञ के वाहक
इस पुण्यकार्य को सफल बनाने में श्री पद्म जैन (महामंत्री, जैन पंचायत), श्री सुधीर जैन ‘डब्लू’ (क्षेत्रीय मुख्य संयोजक), श्री मुकेश जैन (शाखा अध्यक्ष), महेंद्र जैन सोमखेड़ा, मुकेश जैन ग्रेन, प्रमोद बड़कुल, राकेश हरदुआ, सौरभ महेन्द्रा, राजकुमार जैन ‘तारण’ सहित बड़ी संख्या में मिलन बंधु, समाजजन एवं सेवाभावी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मोक्ष की राह सेवा से होकर जाती है
जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा दमोह ने मोक्ष सप्तमी को केवल आध्यात्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और मानवीय करुणा का एक अनुपम अवसर बना दिया।
यह आयोजन एक सशक्त संदेश देता है “जब धर्म पीड़ित की सहायता के लिए हाथ बढ़ाता है, तभी वह मोक्ष की राह दिखाने वाला बनता है।”














































