मध्यप्रदेश के दमोह जिले में, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक भगवान दास दाहिया को उनकी बहादुरी और साहस के लिए सम्मानित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने उन्हें एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

भगवान दास दाहिया ने अपनी जान जोखिम में डालकर बाढ़ में फंसे 14 लोगों को सुरक्षित बचाया। यह घटना अतिवृष्टि के दौरान ग्राम बांदकपुर में हुई। उनके इस निस्वार्थ कार्य ने साबित किया कि पुलिसकर्मी सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालते, बल्कि संकट के समय लोगों की जान बचाने के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं।
जल में योगासन और राष्ट्रध्वज
भगवान दास दाहिया की असाधारण क्षमताओं का एक और उदाहरण उनके योग कौशल में देखने को मिलता है। उन्होंने जल में घंटों तैरकर योग साधना का प्रदर्शन किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पानी में ही योगासन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया।
भगवान दास दाहिया का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा है, जो दिखाता है कि एक पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के अलावा भी समाज की भलाई के लिए और अपनी असाधारण क्षमताओं से दूसरों को प्रेरित कर सकता है।















































