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दमोह में दादा गुरु जी महाराज का आगमन: पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक संदेश

दमोह में दादा गुरु जी महाराज का आगमन: पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक संदेश

दमोह में दादा गुरु जी महाराज ने अपने प्रवास के दौरान पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक सद्भाव का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

उन्होंने श्री जागेश्वर नाथ धाम, बांदकपुर के गोवर्धन पर्वत पर वृक्षारोपण किया और गोबर से बने गणेश जी के दर्शन भी किए।

उन्होंने इस दौरान ध्वजारोहण कर प्रकृति को हरा-भरा रखने का संदेश दिया।

इस अवसर पर, उन्होंने जिला सत्र एवं मुख्य न्यायाधीश श्री सोलंकी जी और अन्य न्यायाधीशों को आशीर्वाद दिया और सभी से गोवर्धन पर्वत पर वृक्षारोपण करने का आग्रह किया।

इसके बाद, दादा गुरु जी बेलाताल पहुंचे और वहां जटाशंकर धाम में “मां के नाम एक पौधा” रोपित किया।
उन्होंने दमोह के निवासियों से बेलाताल सरोवर को स्वच्छ रखने की अपील करते हुए कहा कि सरोवर हमारी धरोहर है और इसे स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

दादा गुरु जी का संदेश

दादा गुरु जी महाराज ने बताया कि वृक्षारोपण केवल एक धार्मिक कार्य नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने का एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि वृक्ष देवताओं की आत्मा हैं, और वृक्षों के बिना हमारा अस्तित्व नहीं है।

उन्होंने सनातन धर्म की व्यापकता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन का दर्शन है। उन्होंने कहा कि वृक्ष, पर्वत, नदियाँ और गौ माता को ईश्वर का स्वरूप माना गया है, और उनकी रक्षा करना ही सनातन धर्म की सच्ची साधना है।

इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति जैसे कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी, कैबिनेट दर्जा प्राप्त रवि किरण साहू, मंदिर प्रबंधक रामकृपाल पाठक, और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु उपस्थित थे।
सभी ने मिलकर 108 पौधों का सामूहिक रोपण किया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और हरियाली से ओतप्रोत हो गया।

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