आजाद अध्यापक संघ, दमोह द्वारा ई-अटेंडेंस ऐप के विरोध और कलेक्टर से हुई चर्चा
ई-अटेंडेंस ऐप का विरोध: कलेक्टर से चर्चा
आजाद अध्यापक संघ, दमोह ने ई-अटेंडेंस ऐप का विरोध करते हुए कलेक्टर महोदय से मुलाकात की। इस मुलाकात में संघ ने अपनी मुख्य चिंताओं को सामने रखा।
संघ की प्रमुख चिंताएं:
* आर्थिक धोखाधड़ी का डर: संघ ने कलेक्टर को बताया कि प्रदेश भर के शिक्षकों को इस ऐप के जरिए आर्थिक धोखाधड़ी (फ्रॉड) होने की आशंका है। जब तक यह डर खत्म नहीं होता, तब तक ई-अटेंडेंस का बहिष्कार जारी रहेगा।
* भ्रम की स्थिति: शिक्षकों में ऐप को लेकर काफी भ्रम और शंकाएं हैं, जिससे वे इसका उपयोग करने में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।
* सभी कर्मचारियों पर लागू करने की मांग: संघ ने मांग की है कि जब तक सभी कर्मचारियों को इसके दायरे में नहीं लाया जाता, तब तक शिक्षकों को इसके लिए बाध्य न किया जाए और न ही उन पर कोई कार्रवाई या नोटिस जारी किया जाए।
कलेक्टर का आश्वासन:
कलेक्टर महोदय ने संघ की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वह इन समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएंगे।
आगे की रणनीति और संदेश
संघ ने अपने सदस्यों से कहा है कि अब उन्हें डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। सभी शिक्षक स्वतंत्र रूप से अपने-अपने स्कूलों में काम करते रहें।
प्रतिनिधि मंडल ने बटियागढ़ और जबेरा के बी.ई.ओ. (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) की कार्यप्रणाली पर भी रोष व्यक्त किया।
चर्चा में शामिल प्रतिनिधि:
इस मुलाकात में आजाद अध्यापक संघ के प्रतिनिधि मंडल में मुकेश सराफ, अभय भट्ट, डॉ. आलोक सोनवलकर, मुरारी लाल अहीरवार, ताहिर खान, सुनील सोनी और अन्य संगठनों के सदस्य शामिल थे। अमित सिंह भी इस दौरान उपस्थित रहे।













































