छात्र जीवन में अनुशासन का पालन आवश्यक-प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश
पोस्ट मेट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास में जागरूकता शिविर सह वृक्षारोपण कार्यक्रम सम्पन्न
दमोह राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण
जबलपुर के आदेशानुसार एवं प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष सुभाष सोलंकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह की उपस्थिति में 08 सितम्बर को पोस्ट मेट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास दमोह में विधिक जागरूकता शिविर सह वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, छात्रावास अधीक्षक कलावती सिंह ठाकुर एवं छात्रायें उपस्थित थी।
प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपराध से बचने का सबसे सरल तरीका सर्तकता है आप अपने अधिकारों को जाने ताकि कोई भी व्यक्ति आपका शोषण न कर सके, अपने छात्र जीवन में अनुशासन का महत्व रेखांकित करते हुए अनेक उदाहरणो के माध्यम से छात्राओं को अनुशासन में रहने की नसीहत दी उसके लाभ से भी अवगत कराया साथ ही आपने छात्राओं को अपना पूर्ण ध्यान पढ़ाई पर केद्रित कर लक्ष्य को पूर्ण मनोयोग से प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया।
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया द्वारा उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुये संविधान में उल्लेखित मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्य विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अधिकार एवं कर्तव्य एक दूसरे के पूरक है कर्तव्य के बिना अधिकारों की कल्पना करना बेईमानी है आपने बताया कोई लड़का आपका पीछा करे अथवा बार-बार कॉल कर या मेसेज कर परेशान करे तो अपने छात्रावास अधीक्षिका को सूचना देकर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराये ताकि अपराधी को दण्ड दिलाया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश द्वारा छात्राओं के साथ छात्रावास परिसर में पौधारोपण किया गया तथा छात्राओं को रोपित पौधो की देखभाल किये जाने हेतु कहा गया।















































