—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
बांदकपुर धाम में कॉरिडोर निर्माण कार्य सुस्त रफ्तार से, गुणवत्ता पर सवाल तेज
शिवभक्तों ने तीसरी बार की बैठक, स्थल निरीक्षण में उठे कई मुद्दे
दमोह।
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री जागेश्वर नाथ धाम बांदकपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से विशाल कॉरिडोर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास बड़े उत्साह के साथ किया था, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का यह केंद्र एक भव्य और आधुनिक स्वरूप ले सके।
सरकार की ओर से शुरुआती चरण में लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ किया गया है। परंतु, जिस तेजी और गुणवत्ता की अपेक्षा भक्तों को थी, उस पर अभी तक सवालिया निशान कायम हैं।
—
हर माह बैठक और निरीक्षण की परंपरा
बांदकपुर धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण को लेकर कई वर्षों से संघर्षरत शिवभक्तों ने तय किया है कि हर माह बैठक कर कॉरिडोर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में रविवार को तीसरी बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हाकम सिंह लोधी ‘हलगज’ और डॉ. नवीन दुबे ने की। इस दौरान नर्मदा भक्त मनीष राजौरिया, केशव साहू, अनिल दुबे, अरविंद पाठक, महेंद्र तिवारी, नारायण लोधी, शंकर गौतम, राम गौतम सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए।
—
निरीक्षण में क्या-क्या पाया गया
निरीक्षण के दौरान भक्तों ने पाया कि कॉरिडोर निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी कई गंभीर प्रश्न खड़े हुए।
पिलर गड्ढों की गहराई – पूर्व में हुई आपत्तियों के बाद अब इसे बढ़ाया गया है।
सूचना बोर्ड – निर्माण एजेंसी ने स्थल पर कार्य संबंधी जानकारी का बोर्ड लगाया है।
इंजीनियर की उपस्थिति – इस बार निर्माण स्थल पर एजेंसी का इंजीनियर मौजूद रहा।
गुणवत्ता संबंधी सवाल – पतले सरियों का उपयोग, अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर असंतोष।
जलभराव समस्या – मंदिर के पिछले हिस्से में भारी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
बगीचे के पेड़ – पुराने पेड़ों की कटाई को लेकर भी भक्तों ने चिंता जताई।
—
भक्तों की अपेक्षाएँ
शिवभक्तों का कहना है कि बांदकपुर धाम केवल दमोह जिले का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां होने वाला कॉरिडोर निर्माण ऐसा होना चाहिए, जो आने वाले 200 से 500 वर्षों तक टिकाऊ और भव्य बना रहे।
भक्तों का मानना है कि यह निर्माण केवल दिखावे के लिए न हो, बल्कि वास्तविक मजबूती और धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखकर किया जाए।
—
श्रद्धालुओं से विशेष आव्हान
बैठक में उपस्थित शिवभक्तों ने समस्त धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से आव्हान किया है कि जब भी वे बांदकपुर धाम में दर्शन-पूजन के लिए आएं, तो कॉरिडोर निर्माण स्थल पर अवश्य जाएं और वहां की स्थिति देखें। इससे न केवल कार्य की पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि गुणवत्ता और गति पर भी दबाव बनेगा।
—
निष्कर्ष
बांदकपुर धाम कॉरिडोर परियोजना प्रदेश की एक बड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनने जा रही है। किंतु निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल सरकार और निर्माण एजेंसी के लिए चिंता का विषय हैं। भक्तों की अपेक्षा है कि सरकार और एजेंसी जल्द ही गंभीरता से सुधार करें और बांदकपुर धाम को उसके योग्य भव्य स्वरूप प्रदान करें।












































