—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*इंडियन डेंटल एसोसिएशन की सीएमई में कैंसर जागरूकता पर विशेष बल*
*तंबाकू त्याग, समय पर जांच और आयुष्मान योजना के लाभ पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी*


दमोह। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) दमोह शाखा द्वारा कैंसर रोग विषय पर कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दंत चिकित्सकों को कैंसर की प्रारंभिक पहचान, रोकथाम एवं उपचार संबंधी नवीन जानकारियों से अवगत कराना तथा समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जबलपुर से आए कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत जैन ने विस्तार से अपने विचार रखे। डॉ. जैन Tata Memorial Hospital, मुंबई से प्रशिक्षित हैं और कैंसर उपचार के क्षेत्र में विशेष अनुभव रखते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित आहार, तनाव और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। विशेष रूप से तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और अन्य मादक पदार्थों का सेवन मुख एवं गले के कैंसर के मामलों में अहम भूमिका निभा रहा है।
दंत चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण
डॉ. जैन ने कहा कि दंत चिकित्सक मुख कैंसर की प्रारंभिक पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि अधिकांश मरीज नियमित रूप से दंत परीक्षण के लिए आते हैं। यदि मुंह के भीतर सफेद या लाल धब्बे, घाव या असामान्य सूजन दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज न करते हुए तत्काल जांच कराना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर की पुष्टि बायोप्सी जांच से ही की जाती है और लोगों को इस प्रक्रिया से घबराने की आवश्यकता नहीं है। बायोप्सी केवल रोग की पुष्टि करने का एक वैज्ञानिक तरीका है, जिससे सही उपचार की दिशा तय की जाती है।
नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान
विशेषज्ञों ने उपस्थित चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों को तंबाकू और गुटखा छोड़ने के लिए प्रेरित करें तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दें। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम संभव है।
आयुष्मान योजना से मिल रहा लाभ
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि Ayushman Bharat Yojana के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों का उपचार निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है और वे उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।
प्रमुख चिकित्सक रहे उपस्थित
इस अवसर पर आईडीए के प्रेसिडेंट डॉ. नवीन दुबे, वरिष्ठ सदस्य डॉ. एम.एस. छाबड़ा, डॉ. अली असगर, डॉ. संजय पालीवाल, डॉ. नीना विलियम सहित बड़ी संख्या में दंत चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि चिकित्सक नवीन चिकित्सा तकनीकों से अवगत रहें और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को सुदृढ़ किया जा सके।


















































