—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*फुटेरा चौकी प्रभारी की पहल ने बेजुबान पशु पक्षी को पानी के रखे सकोर*
दमोह फुटेरा चौकी प्रभारी आनंद कुमार की पहल भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसान खुद को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करता है
वहीं बेजुबान पशु-पक्षी अक्सर पानी और छांव के अभाव में तड़पते नजर आते हैं। ऐसे समय में चौकी प्रभारी फुटेरा कला आनंद कुमार द्वारा की गई मानवीय अपील न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है।
आनंद कुमार ने नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा है कि “पानी के रखे सकोर (बर्तन) पशु व पक्षी भी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। गर्मी के मौसम में इनका भी ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है।” उनका यह संदेश संवेदनशीलता और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि एक जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कानून-व्यवस्था तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी भी निभाता है।
आज के समय में जब तापमान लगातार बढ़ रहा है, तब पक्षियों के लिए पानी मिलना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार वे प्यास के कारण दम तोड़ देते हैं। वहीं आवारा पशु भी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं। ऐसे में यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, छत, आंगन, दुकान या आसपास किसी भी स्थान पर पानी से भरे छोटे-छोटे बर्तन रख दे, तो यह उनके जीवन को बचाने में अत्यंत सहायक हो सकता है।
चौकी प्रभारी आनंद कुमार की यह पहल समाज को एक सकारात्मक दिशा देने वाली है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करती है, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और दया का भाव भी जागृत करती है। उनकी यह सोच निश्चित रूप से प्रशंसा के योग्य है और आमजन को भी इससे प्रेरणा लेकर आगे आना चाहिए।
यदि हम सभी मिलकर इस छोटी सी पहल को अपनाएं, तो यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है, जिससे हजारों पशु-पक्षियों को भीषण गर्मी में राहत मिल सकेगी। वास्तव में, ऐसे संवेदनशील और जागरूक अधिकारियों पर समाज को गर्व होना चाहिए, जो अपने कर्तव्यों के साथ-साथ मानवता का भी परिचय देते हैं।












































